(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 24 अप्रैल 2026। चारधाम यात्रा के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं
कि जनपद में कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट या ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीर्थयात्रियों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग को होटल, ढाबों, दुकानों और रेस्टोरेंट में लगातार छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त/जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व मे वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन की टीम ने नेशनल हाईवे-334 स्थित बहादराबाद क्षेत्र के ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया।
इस दौरान कुल 14 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सभी ढाबों और होटलों में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड और फूड लाइसेंस प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए गए।
कार्रवाई के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। दुबे ग्रीन चिली ढाबा को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने और खराब फ्राई तेल का सही निस्तारण न करने पर नोटिस जारी किया गया।
वहीं चौहान शुद्ध वैष्णव ढाबा के संचालक को चाय दुकान के रजिस्ट्रेशन पर ढाबा चलाने पर नोटिस मिला। व्यंजन वेन्यू ढाबा के मालिक को भी गलत श्रेणी के फूड रजिस्ट्रेशन पर संचालन करने के कारण चेतावनी दी गई।
इसके अलावा शांतरशाह स्थित एक रिसॉर्ट होटल को अनिवार्य दस्तावेज न दिखाने, बिल पर 14 अंकों का फूड लाइसेंस नंबर अंकित न करने और खराब तेल के उचित प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया।
इसके अतिरिक्त 23 अप्रैल को पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने चंडी मंदिर से गेंडीखाता तक हाईवे किनारे स्थित ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया।
इस दौरान 9 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें कई स्थानों पर फूड लाइसेंस प्रदर्शित नहीं मिला। एक ढाबा बिना लाइसेंस के संचालित पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया।
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


























