न्यूज़ फ्लैश
” हरिद्वार में विजिलेंस का करारा प्रहार: DSO की कुर्सी से सीधे हवालात तक का सफर, ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धराए दो, दफ्तर में मचा भूचाल” “तीर्थ नगरी हरिद्वार को स्वच्छ-सुंदर बनाने की बड़ी पहल: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जारी किया महा स्वच्छता पखवाड़े का विस्तृत रोस्टर, 16 से 31 जनवरी तक हर विभाग मैदान में” “अब लापरवाही नहीं चलेगी! टिहरी–चम्बा की सड़कों पर प्रशासन का कड़ा एक्शन, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप — 39 चालान, 4 वाहन सीज, नशेड़ी चालक सलाखों के पीछे” “देहरादून में विक्रम वाहनों की सख्त जांच शुरू: रेंजर्स ग्राउंड में ड्राइवर-वाहन सत्यापन अभियान, पहले दिन 142 विक्रम परखी गईं, अनफिट वाहनों पर कार्रवाई” “स्वस्थ सीमा अभियान को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उत्तराखण्ड सरकार और आईटीबीपी के बीच अहम एमओयू, सीमावर्ती गांवों में पहुंचेगी स्वास्थ्य और आजीविका की सुविधा” “कोहरे में खोती ज़िंदगियां! हरिद्वार बाईपास पर मिट चुकी सफेद पट्टियों से बढ़ा जानलेवा खतरा, भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य प्रदीप चौहान के हस्तक्षेप पर पीडब्ल्यूडी ने शीघ्र कार्य का दिया आश्वासन”
Home » नादान » “ऑपरेशन सिंदूर को सिलेबस में शामिल करना जल्दबाजी: विधायक शहजाद ने मदरसा बोर्ड को बताया नादान”

“ऑपरेशन सिंदूर को सिलेबस में शामिल करना जल्दबाजी: विधायक शहजाद ने मदरसा बोर्ड को बताया नादान”

(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखंड मदरसा बोर्ड द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मदरसों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

रुड़की के लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने इस निर्णय को जल्दबाजी में लिया गया और नादानी भरा बताया है।विधायक शहजाद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है,

ऐसे में इसे मदरसों के सिलेबस में शामिल करना समझदारी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत और समापन की स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो इसे शिक्षा के पाठ्यक्रम में लाना उचित कैसे हो सकता है?

उनका कहना है कि किसी भी ऐतिहासिक या समसामयिक विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पहले तथ्यों की पुष्टि और स्पष्टता आवश्यक होती है।

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी शैक्षणिक निर्णय का अधिकार सरकार के पास होता है, न कि मदरसा बोर्ड के पास। बोर्ड ने सरकार की अनुमति के बिना यह निर्णय लेकर जल्दबाजी दिखाई है।

विधायक शहजाद का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सोच-समझकर और पूरी प्रक्रिया के बाद ही कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को सही और पूरी जानकारी मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा बोर्ड को पहले किताबें छपवाने से पहले यह बताना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर आखिर है क्या, यह कहां से शुरू हुआ और इसका क्या उद्देश्य है। बिना ठोस जानकारी के पाठ्यक्रम में इसे शामिल करना छात्रों को भ्रमित कर सकता है।

विधायक ने मदरसा बोर्ड से अपील की है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे और उचित प्रक्रिया अपनाए।

349 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“स्वस्थ सीमा अभियान को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उत्तराखण्ड सरकार और आईटीबीपी के बीच अहम एमओयू, सीमावर्ती गांवों में पहुंचेगी स्वास्थ्य और आजीविका की सुविधा”

“कोहरे में खोती ज़िंदगियां! हरिद्वार बाईपास पर मिट चुकी सफेद पट्टियों से बढ़ा जानलेवा खतरा, भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य प्रदीप चौहान के हस्तक्षेप पर पीडब्ल्यूडी ने शीघ्र कार्य का दिया आश्वासन”