न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: बैंकों की हड़ताल पर बड़ा ब्रेक! देर रात बनी सहमति, सोमवार से खुलेंगे बैंक—तीन दिन की हड़ताल टली BIG BREAKING:: चीड़बासा में आफत की स्लाइडिंग, 1500 यात्रियों की अटकी सांसें; SDRF-NDRF-DDRF ने चलाया मेगा रेस्क्यू, सभी को सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया BIG BREAKING:: दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्डियों से सीएम धामी का संवाद, बोले— विकास में प्रवासी बंधुओं की भागीदारी अहम, रिवर्स माइग्रेशन को मिलेगी नई रफ्तार BIG BREAKING:: रेड-ऑरेंज अलर्ट पर हाई अलर्ट उत्तराखंड: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संभाली कमान, 28 सितंबर सुबह 6 बजे से ट्रेकर्स का हवाई रेस्क्यू BIG BREAKING:: नगला इमरती में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, ई-रिक्शा और कार की भिड़ंत में तीन की मौत BIG BREAKING:: राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल: चार राजस्व उप निरीक्षकों के बदले कार्यक्षेत्र, बहादराबाद से औरंगाबाद तक बदले चार्ज
Home » रेस्क्यू » BIG BREAKING:: चीड़बासा में आफत की स्लाइडिंग, 1500 यात्रियों की अटकी सांसें; SDRF-NDRF-DDRF ने चलाया मेगा रेस्क्यू, सभी को सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया

BIG BREAKING:: चीड़बासा में आफत की स्लाइडिंग, 1500 यात्रियों की अटकी सांसें; SDRF-NDRF-DDRF ने चलाया मेगा रेस्क्यू, सभी को सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया

(शहजाद अली हरिद्वार)रुद्रप्रयाग, 28 सितंबर 2026। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात अचानक स्लाइडिंग होने से बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभालते हुए करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान के दौरान पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने और मार्ग पर मलबा जमा होने के कारण यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई थी।जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण कई यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए SDRF सोनप्रयाग की टीम सब इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

ALSO READ  "117 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा: टीएचडीसी टनल से सभी श्रमिक बाहर, 12 की बची जान तो 10 की मौत से पसरा मातम"

मौके पर पहुंचने पर रेस्क्यू टीम ने देखा कि चीड़बासा हैलीपैड के समीप मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण भारी मात्रा में मलबा जमा था। वहीं पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई थी। ऐसे में यात्रियों को मार्ग पार कराना चुनौतीपूर्ण था। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए SDRF के साथ NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।टीमों ने यात्रियों को नियंत्रित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार कराया और एक-एक कर सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। इसके बाद करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित रूप से गौरीकुंड की ओर रवाना किया गया। अभियान के दौरान रेस्क्यू टीमों ने आपसी समन्वय बनाए रखते हुए लगातार स्थिति पर नजर रखी।लगातार पत्थर गिरने और दोबारा स्लाइडिंग की आशंका के बीच रेस्क्यू टीमों ने सावधानीपूर्वक अभियान पूरा किया। संयुक्त टीमों की तत्परता से केदारनाथ यात्रा पर आए बड़ी संख्या में यात्रियों को समय रहते सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सका।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 2 0 5 1
Users Today : 442
Users Yesterday : 1426
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 2 0 5 1
Users Today : 442
Users Yesterday : 1426