(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के दृष्टिगत मेला प्रशासन ने उत्तर हरकी पैड़ी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने सोमवार को अधिकारियों की टीम के साथ पंतद्वीप क्षेत्र में यूआईआईडीबी के माध्यम से यूपीडीसीसी द्वारा संचालित उत्तर हरकी पैड़ी विकास परियोजना के अंतर्गत चल रहे सड़क, घाट, टॉयलेट ब्लॉक एवं समतलीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सड़क के लिए बिछाई गई सतह की मौके पर ही खुदाई करवाकर उसकी परत एवं प्रयुक्त सामग्री की जांच कराई। सतह निर्माण में प्रयुक्त जीएसबी में प्रथम दृष्टया मिट्टी की मात्रा अधिक पाए जाने पर उन्होंने तृतीय पक्ष निरीक्षण (टीपीआई) के लिए नियुक्त एजेंसी को निर्धारित मानकों के अनुरूप गंभीरता से जांच करने की . सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित टीपीआई एजेंसी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
अपर मेलाधिकारी ने यूपीडीसीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सामग्री का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्माणाधीन टॉयलेट ब्लॉक का निरीक्षण करते हुए कार्य समयसीमा में पूरा करने तथा निर्माण के दायरे में आ रही पाइपलाइन को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने के निर्देश दिए। घाटों के मरम्मत एवं पुनरोद्धार कार्यों के निरीक्षण के दौरान टाइल्स को सही ढंग से लगाने तथा रेलिंग को मजबूती एवं गुणवत्ता के साथ स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर हरकी पैड़ी क्षेत्र में कुंभ मेले के दौरान महत्वपूर्ण शिविरों एवं विभिन्न गतिविधियों का संचालन होता है। इसलिए सभी कार्य समय से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा।
यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित उत्तर हरकी पैड़ी विकास परियोजना का निर्माण यूपीडीसीसी के माध्यम से कराया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत घाटों का पुनरोद्धार, भीड़ प्रबंधन क्षेत्र, वेंडिंग जोन, वॉकवे, सीवेज एवं ड्रेनेज सिस्टम, विद्युत कार्य तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जनसुविधाओं का विकास किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में पंतद्वीप, चमगादड़ टापू सहित आसपास के घाट भी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार भट्ट, अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार, विशेषज्ञ समन्वयक गंगा प्रसाद पंत, यूपीडीसीसी के परियोजना प्रबंधक आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








































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