(शहजाद अली हरिद्वार) Uttarakhand। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इस बार चुनावी रण में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कुल 65.37 प्रतिशत मतदान हुआ था। इनमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत 67.20 रहा, जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 62.60 प्रतिशत था। आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि प्रदेश की महिलाएं मतदान को लेकर पुरुषों से अधिक सक्रिय रही हैं।
अब 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की नजर महिला मतदाताओं पर टिकी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा बिहार की तर्ज पर महिलाओं के लिए किसी विशेष सहायता योजना या आर्थिक सहयोग से जुड़ी स्कीम लॉन्च करने पर विचार कर सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
दूसरी ओर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल भी महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति बनाने में जुटे हैं। खास सवाल यह भी है कि क्या इस बार राजनीतिक दल महिलाओं को पहले से अधिक टिकट देकर प्रतिनिधित्व बढ़ाएंगे?
2027 में महिला वोटर किस दल के पक्ष में अपना भरोसा जताती हैं, यह उत्तराखंड के चुनावी नतीजों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।






































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