(शहजाद अली हरिद्वार) Haridwar/ बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने विद्यालय वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर हुई कार्रवाई
परिवहन विभाग की जांच में विद्यालय वाहनों में कई गंभीर कमियां सामने आईं। एक वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित पाया गया, जबकि छह वाहनों में परमिट संबंधी अनियमितताएं मिलीं। एक वाहन का बीमा समाप्त था और एक वाहन बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के संचालित हो रहा था। इसके अलावा एक चालक के आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण पाए गए।
जांच के दौरान चार वाहनों में आपातकालीन द्वार अथवा अन्य सुरक्षा उपकरणों में कमी मिली। वहीं, आठ वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं पाए गए। सबसे अधिक 10 वाहनों में अग्निशमन यंत्र अनुपलब्ध अथवा एक्सपायरी मिले। इसके अतिरिक्त टैक्स और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित चार अन्य अनियमितताओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को सख्त निर्देश
अभियान के दौरान वाहन स्वामियों, विद्यालय प्रबंधन और चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विद्यालय वाहनों में सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। वाहनों में वैध फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र के साथ चालक के सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।
इसके अलावा फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा उपकरण भी हर समय दुरुस्त स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान में परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी और परिवहन कर अधिकारी श्री मुकेश भारती भी शामिल रहे।





































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