(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
गुरुवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट पेपर लीक मामले, सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया की खामियों और अंकिता हत्याकांड जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कठघरे में खड़ा किया।
पत्रकारों से बातचीत में आलोक शर्मा ने कहा कि देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि युवा दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उनका भविष्य संकट में पड़ रहा है।
“सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय मामलों को दबाने में लगी हुई है।”
— आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस
आलोक शर्मा ने नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस संस्था को देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई है,
वही अब संदेह के घेरे में आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में सामने आए नीट पेपर लीक मामले के बाद भी सरकार ने कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और लोगों की भूमिका पहले सवालों में रही, उन्हें ही दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी गई। इससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर चुकी है और जहां भी कोई खामी सामने आती है, वहां केवल जांच का दिखावा किया जाता है।
“छात्रों और अभिभावकों का भरोसा लगातार टूट रहा है।”
— आलोक शर्मा
सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए। आलोक शर्मा ने कहा कि इस वर्ष मूल्यांकन में भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
कई छात्रों को उम्मीद से बेहद कम अंक मिले, जिसके बाद शिकायतें सामने आने पर अंकों में सुधार करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग में निम्न गुणवत्ता वाले स्कैनरों का उपयोग किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई, जिसका सीधा असर छात्रों के परिणामों पर पड़ा है। इससे देश की प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थाओं की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पत्रकार वार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने दो प्रमुख प्रश्न उठाते हुए पूछा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और नीट पेपर लीक तथा परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
“प्रदेश और देश की जनता जवाब चाहती है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए है।”
— आलोक शर्मा
उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदनशील मामलों में भी सरकार पारदर्शिता नहीं बरत रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं, छात्रों और आम जनता के मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। यदि शिक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
इस दौरान आलोक शर्मा ने पश्चिम बंगाल में 14 वर्ष से अधिक आयु की गायों के वध की अनुमति से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर हरिद्वार के संत समाज की चुप्पी आश्चर्यजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चयनात्मक प्रतिक्रिया दी जा रही है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय सैनी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।


























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