(शहजाद अली हरिद्वार) बहादराबाद। हरिद्वार के बहादराबाद स्थित जामा मस्जिद से ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर एक अहम संदेश जारी किया गया है।जामा मस्जिद बहादराबाद के खतीब ओ इमाम मोहम्मद शाहरुख़ मिस्बाही ने सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि ईद की नमाज़ और कुर्बानी के दौरान प्रशासनिक नियमों और सामाजिक सौहार्द का विशेष ध्यान रखा जाए।
“ईद की असली खुशी अमन, भाईचारे और साफ-सफाई में है।”
इमाम मोहम्मद शाहरुख़ मिस्बाही ने बताया कि बहादराबाद की जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज़ सुबह 7:30 बजे अदा की जाएगी।
उन्होंने सभी नमाजियों से समय से पहले मस्जिद पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि नमाज़ के बाद लोग अपने-अपने स्थानों पर शांतिपूर्ण माहौल में कुर्बानी करें।
उन्होंने कुर्बानी को लेकर कई जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए। इमाम साहब ने कहा कि कुर्बानी के दौरान किसी भी प्रकार की वीडियो न बनाई जाए और न ही सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो साझा किए जाएं, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
“कुर्बानी इबादत है, इसका प्रदर्शन करना मुनासिब नहीं।”
इसके साथ ही उन्होंने साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि जानवरों का खून नालियों में न बहाया जाए और कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों को खुले में, नहर, नाले या तालाब में फेंकने के बजाय जमीन में गड्ढा खोदकर दफन किया जाए। उन्होंने लोगों से खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से भी बचने की अपील की।
इमाम मोहम्मद शाहरुख़ मिस्बाही ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध है, उनकी कुर्बानी किसी भी सूरत में न की जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार को कानून और नियमों के दायरे में रहकर मनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
“त्योहार की खुशियों के साथ कानून और इंसानियत का सम्मान भी जरूरी है।”
जामा मस्जिद बहादराबाद की ओर से जारी इस संदेश को क्षेत्र में काफी अहम माना जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि ईद-उल-अजहा पर भाईचारे, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए त्योहार मनाएं।


























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