(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 08 जनवरी 2026।प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मंशा को धरातल पर उतारते हुए जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत
विकासखंड बहादराबाद की न्याय पंचायत रणसूरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कासमपुर में एक भव्य बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 23 विभागों की सहभागिता के साथ ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।
इस बहुउद्देशीय शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा ने की। शिविर में क्षेत्रीय जनता का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला,
जहां 2176 लोगों ने प्रतिभाग किया और 1295 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही 20 लोगों को विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रमाण पत्र भी निर्गत किए गए।
मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान
शिविर के दौरान क्षेत्रवासियों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 70 शिकायतें दर्ज कराई गईं। प्रशासन की तत्परता का उदाहरण यह रहा कि 35 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं को त्वरित कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
इन शिकायतों में मुख्य रूप से विद्युत बिलों से जुड़ी समस्याएं, भूमि विवाद, राशन कार्ड, अवैध कब्जे, जाति एवं जन्म प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास एवं अन्य जनहित से जुड़े मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का सशक्त उदाहरण: अजीत सिंह चौधरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष श्री अजीत सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा पहली बार प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से 23 विभाग एक ही स्थान पर पहुंचकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दे रहे हैं और समस्याओं का समाधान गांव-गांव जाकर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के शिविर में दो हजार से अधिक लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जनता सरकार के इस प्रयास को सराह रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया।
ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्य विकास अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो। इसी उद्देश्य से यह बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आज के शिविर में दर्ज 70 शिकायतों में से 35 का मौके पर समाधान कर दिया गया है, जबकि शेष समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए
गए हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ देने का आह्वान किया।
विभागीय स्टालों का निरीक्षण, लाभार्थियों को वितरित की गई सामग्री
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देने में कोई कमी न रहे। इस अवसर पर पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
स्वच्छता की शपथ: साफ-स्वच्छ जनपद की दिशा में बड़ा कदम
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस बहुउद्देशीय शिविर में ग्रामीणों को अपने घर-आंगन एवं आसपास के क्षेत्र को साफ-स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि जनपद को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता
शिविर में भाजपा कार्यकर्ता मनोज गौतम, सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल, नोडल अधिकारी एवं जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल, तहसीलदार सचिन कुमार, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार, नायब तहसीलदार प्रताप सिंह सहित क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
जनता के बीच सरकार: भरोसे की मजबूत होती कड़ी
कुल मिलाकर, जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह बहुउद्देशीय शिविर सरकार और जनता के बीच विश्वास की कड़ी को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। एक ही स्थान पर योजनाओं का लाभ, प्रमाण पत्रों का वितरण और समस्याओं का समाधान ग्रामीणों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बना।
यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बना रहा है, बल्कि गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाकर “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को साकार भी कर रहा


























