(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जाँच और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने की माँग को लेकर विधानसभा क्षेत्र BHEL रानीपुर में “अंकिता भंडारी को न्याय दो” के बैनर तले एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इस पदयात्रा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सहभागिता कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के संघर्ष को मजबूती दी।
पदयात्रा जटवाड़ा पुल से प्रारंभ होकर श्री राम चौक तक निकाली गई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक मामले की CBI जाँच माननीय हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में नहीं कराई जाती, तब तक न्याय पर सवाल बने रहेंगे।
रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता सच जानना चाहती है और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता राजवीर चौहान ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता, न्याय और बेटियों के सम्मान की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि जनता की स्पष्ट और एकजुट माँग है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच हो, ताकि हर दोषी बेनकाब हो
और उसे कानून के अनुसार सख्त सज़ा मिले। चौहान ने कहा कि यदि न्याय में देरी या पक्षपात हुआ, तो यह आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
पदयात्रा के दौरान हाथों में तख्तियाँ, बैनर और पोस्टर लिए कार्यकर्ता “अंकिता को न्याय दो”, “CBI जाँच कराओ” और “जब तक न्याय नहीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा” जैसे नारे लगाते रहे।
महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मुद्दा अब केवल एक दल या संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
स्थानीय क्षेत्रवासियों ने भी पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
लोगों का कहना था कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
पदयात्रा के समापन पर वक्ताओं ने दोहराया कि यह आवाज़ अब थमेगी नहीं और जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।


























