न्यूज़ फ्लैश
“ऑपरेशन प्रहार का बड़ा धमाका: STF के शिकंजे में 15 म्यूल खाते, करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो मास्टरमाइंड दबोचे!” “चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर सख्ती: हरिद्वार पहुंचीं आईजी विम्मी सचदेवा रमन, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए कड़े निर्देश” “चारधाम यात्रा में ट्रैफिक का महाक्लेश! हरिद्वार में सख्त प्लान लागू—भारी वाहन बॉर्डर पर स्टॉप, जानिए कौन सा रूट रहेगा चालू और कहां लगेगा ब्रेक” “बहादराबाद में नारी शक्ति का महाकुंभ: ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में उमड़ा उत्साह का सैलाब, सशक्तिकरण की गूंज के बीच महिलाओं ने भरी बदलाव की हुंकार” “NH पर तेज रफ्तार का कहर: ड्यूटी पर जा रहे युवा डॉक्टर की दर्दनाक मौत, महिला डॉक्टर सदमे में—टक्कर मारकर फरार हुआ चालक, पुलिस जांच में जुटी” “इंतजार खत्म! CBSE 10वीं बोर्ड रिजल्ट जारी—अब बस रोल नंबर डालो और तुरंत देखो अपना स्कोर”
Home » खुलासा » “अंकिता भंडारी केस पर पुलिस का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया के झूठे नैरेटिव पर एडीजीपी का करारा जवाब, बोले—“सबूत हैं तो सामने लाओ, अफवाह नहीं!”

“अंकिता भंडारी केस पर पुलिस का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया के झूठे नैरेटिव पर एडीजीपी का करारा जवाब, बोले—“सबूत हैं तो सामने लाओ, अफवाह नहीं!”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन विवादों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संवेदनशील घटना थी, जिसकी जानकारी सरकार को प्राप्त होते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।विवेचना एवं ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान यह प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत हुआ, जहाँ सीबीआई जांच कराए जाने संबंधी याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत मानते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इनकार किया गया तथा याचिका को खारिज कर दिया गया।

इसके पश्चात यह मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी विवेचना की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की याचिका को निरस्त कर दिया गया।

एसआईटी द्वारा की गई विस्तृत विवेचना के उपरांत निचली अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्तमान में यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

हाल ही में इस प्रकरण से संबंधित कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनकी विवेचना प्रचलित है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे विवेचना के दौरान एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। उस समय भी पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, तथ्य अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

उन्होंने पुनः अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में दर्ज प्रकरणों की विवेचना जारी है और यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा सकते हैं।

डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेंगे और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

287 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *