न्यूज़ फ्लैश
“kavad यात्रा पर धामी सरकार का मेगा प्लान! CM के सख्त निर्देश—‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर रहेगा फुल फोकस” “पूर्व विधायक अमरीश कुमार की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने किया नमन, बोले—उनके संघर्ष और उसूलों की राह पर आगे बढ़े कांग्रेस परिवार” Haridwar: का बदलेगा कायाकल्प! हर की पैड़ी से रोड़ी बेलवाला तक विकास की ‘महागाथा’, श्रद्धालुओं को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं और सुगम आवागमन “Chakrata में ‘विकसित भारत’ मिशन का आगाज, विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने किया तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ” “Roorkee: में चलती कार बनी आग का गोला! मंगलौर-हरिद्वार हाईवे पर धू-धूकर जली नई कार, देखते ही देखते हुई राख” “Haridwar:को CM धामी की बड़ी सौगात! 235 करोड़ की विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन-शिलान्यास, गंगा कॉरिडोर से बदलेगी शहर की सूरत”
Home » समझौता » राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे 34 विवाद, 53 लाख से अधिक की धनराशि पर हुआ समझौता

राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे 34 विवाद, 53 लाख से अधिक की धनराशि पर हुआ समझौता

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के 34 वादों का निस्तारण पक्षकारों की आपसी सहमति के आधार पर किया गया।

इन मामलों में कुल 53.27 लाख रुपये की सेटलमेंट धनराशि तय की गई। यह लोक अदालत जिले में रोशनाबाद, रुड़की और लक्सर न्यायिक परिसरों में आयोजित की गई।

रोशनाबाद स्थित जिला उपभोक्ता आयोग में आयोग के अध्यक्ष डॉ. गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत और रंजना गोयल की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण मामलों का समाधान हुआ।

लोक अदालत में बैंक, बीमा, मोबाइल, विद्युत विभाग, फाइनेंस कंपनियों और अन्य उपभोक्ता विवादों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया गया।

लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना होता है। इसमें पक्षकारों को न केवल समय की बचत होती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में आने वाले खर्च से भी राहत मिलती है।

प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत जिला जज एवं प्राधिकरण अध्यक्ष प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने यह भी कहा कि लोक अदालतें न्याय प्रणाली में विश्वास बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम हैं

और आम जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में इनकी भूमिका सराहनीय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 5 6 3 8
Users Today : 21
Users Yesterday : 938
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 5 6 3 8
Users Today : 21
Users Yesterday : 938