(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला आरक्षण रोटेशन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के बाद लिया गया।
???? क्या है पूरा मामला?
बागेश्वर निवासी गणेश दत्त कांडपाल सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि –
- सरकार ने 9 जून 2025 को पंचायत चुनावों के लिए नई नियमावली जारी की।
- 11 जून को पुराने आरक्षण रोटेशन को शून्य घोषित कर नया रोटेशन लागू करने का फैसला लिया गया।
- इससे कई सीटें लगातार आरक्षित रहती हैं, जिससे कई लोग चुनाव लड़ने से वंचित हो जाते हैं।
⚖️ कोर्ट की टिप्पणी व फैसला
मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने कहा:
- सरकार द्वारा अपनाई गई आरक्षण प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं है।
- कोर्ट ने पहले ही सरकार को स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, लेकिन सरकार संतोषजनक जवाब देने में विफल रही।
- मामला लंबित होने के बावजूद सरकार ने चुनावी तिथि घोषित कर दी, जो न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
- इसलिए, कोर्ट ने पूरे पंचायत चुनावी कार्यक्रम पर रोक लगा दी और सरकार से विस्तृत जवाब माँगा है।
????️ क्या थी चुनाव की योजना?
- 21 जून को सरकार ने अधिसूचना जारी कर पंचायत चुनाव की तिथियाँ घोषित की थीं।
- चुनाव दो चरणों में प्रस्तावित थे और 19 जुलाई को मतगणना होनी थी।
- हरिद्वार को छोड़कर राज्य के अन्य 12 जिलों में चुनाव होने थे।
???? अब क्या होगा?
- चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।
- सरकार को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।
- जब तक कोर्ट से कोई नया आदेश नहीं आता, तब तक पंचायत चुनाव नहीं होंगे।
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