(शहजाद अली हरिद्वार)मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में तीन महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौते संपन्न हुए,
जिनका उद्देश्य उत्तराखण्ड को तकनीकी और सामाजिक विकास का अग्रणी केंद्र बनाना है।
1. टाटा ट्रस्ट – उत्तराखण्ड सरकार – सेतु आयोग समझौता
अवधि: 10 वर्षों का समझौता
क्षेत्र:
जल प्रबंधन
पोषण
टेलीमेडिसिन
ग्रामीण आजीविका
ग्रीन एनर्जी

उद्देश्य: सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।
2. सेतु आयोग – उच्च शिक्षा विभाग – नैस्कॉम/आईटी-आईटीईएस स्किल काउंसिल समझौता
उद्देश्य:
उत्तराखण्ड को टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भारत का प्रमुख कौशल केंद्र बनाना
राज्य के लगभग 1.5 लाख छात्रों को Future Skills Prime प्लेटफॉर्म से जोड़ना
मुख्य क्षेत्र:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
डेटा साइंस
साइबर सिक्योरिटी
पायथन
जनरेटिव AI
विशेष पहल:
प्रत्येक जिले में एक मॉडल कॉलेज को ‘मेंटर संस्थान’ बनाया जाएगा
कोर्सेस को शैक्षणिक क्रेडिट के साथ शामिल किया जाएगा।
3. सेतु आयोग – उच्च शिक्षा विभाग – वाधवानी फाउंडेशन समझौता
अवधि: 3 वर्षों का समझौता
उद्देश्य:
सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के रोजगारपरक व्यक्तित्व विकास हेतु AI आधारित कोर्स
1.2 लाख छात्रों को आत्मनिर्भरता और रोजगार के लिए तैयार करना
प्रमुख क्षेत्र:
AI आधारित पर्सनैलिटी डेवलपमेंट
स्वरोजगार से संबंधित स्किल्स
सॉफ्ट स्किल्स
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मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री धामी ने इन समझौतों को उत्तराखण्ड को डिजिटल टैलेंट का केंद्र और AI व साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध है।
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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन
टाटा ट्रस्ट के CEO श्री सिद्धार्थ शर्मा
नैस्कॉम स्किल काउंसिल की CEO श्रीमती अभिलाषा गौड़
वाधवानी फाउंडेशन के EVP श्री सुनील दहिया
अन्य वरिष्ठ अधिकारी


























