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“कुंभ-2027 की तैयारियों में नहीं चलेगी लापरवाही! मेलाधिकारी सोनिका का बड़ा निरीक्षण अभियान, निर्माण सामग्री के नमूने मौके से उठवाकर भेजे जांच को, घाटों से लेकर सीसीआर-2 भवन तक गुणवत्ता पर कसी लगाम”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 के भव्य, दिव्य और सुरक्षित आयोजन को लेकर मेला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ तैयारियों में जुटा हुआ है।करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए अवस्थापना विकास परियोजनाओं को समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के लिए शासन और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का गहन परीक्षण किया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 सीसीआर-2 भवन निर्माण की प्रगति पर विशेष फोकस

निरीक्षण की शुरुआत सीसीआर-2 भवन से हुई, जहां मेलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्माण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजना की टाइमलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मेलाधिकारी ने कहा कि सीसीआर-2 भवन कुंभ मेला-2027 की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी भविष्य की व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों बनाए रखना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके से ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के नमूने भी एकत्र कराए तथा उन्हें तृतीय पक्ष गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजने के निर्देश दिए।

 नए घाट निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच

इसके बाद मेलाधिकारी गंग नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट से सिंह द्वार के मध्य निर्माणाधीन नए घाट पर पहुंचीं। यहां उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की।उन्होंने घाट निर्माण में प्रयुक्त स्टील, कंक्रीट और अन्य सामग्री के नमूने भी मौके पर ही एकत्र करवाए। इतना ही नहीं, घाट की नवनिर्मित आरसीसी दीवार के कुछ हिस्सों के नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए निकलवाए गए।

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मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए घाटों की मजबूती और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

 नगर निगम घाट क्षेत्र का भी किया निरीक्षण

निरीक्षण के अगले चरण में श्रीमती सोनिका ने नगर निगम घाट एवं उससे जुड़े क्षेत्रों का दौरा किया। यहां उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।उन्होंने घाटों की दीवारों की स्ट्रेंथ टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए तथा कहा कि समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण कर निर्माण कार्यों की मजबूती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए और किसी भी तकनीकी कमी को तुरंत दूर किया जाए।

 श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में घाटों और मेला क्षेत्र में सुरक्षा, सुगम आवागमन और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाट क्षेत्रों में हरित विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भी मजबूत व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना मेला प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

 बाधाओं की सूचना तत्काल देने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी परियोजना में भूमि, तकनीकी, संसाधन या अन्य किसी प्रकार की समस्या सामने आ रही है तो उसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दी जाए।उन्होंने कहा कि समस्याओं को छिपाने के बजाय समय रहते अवगत कराया जाए ताकि उनका शीघ्र समाधान कर निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न होने दी जाए। प्रशासन का उद्देश्य सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा कर कुंभ मेला-2027 के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करना है।

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निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुश, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के सहायक अभियंता मानेंद्र पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि इस बार आयोजन को और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।

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