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“High court: की दस्तक से मचा हड़कंप! कुछ घंटों में शिक्षा विभाग का वार, विवादित कॉलेज प्रबंधन से 15 दिन में जवाब तलब—महिला शिक्षिका के गंभीर आरोपों से गरमाया मामला”

(शहजाद अली हरिद्वार) Haridwar। लंबे समय से विभिन्न विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चाओं में रहे नेशनल इंटर कॉलेज, धनौरी का एक और मामला अब प्रशासनिक और कानूनी जांच के दायरे में पहुंच गया है।


आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अपनी पूर्व महिला शिक्षिका के खिलाफ निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू की। मामले में महिला शिक्षिका ने विधि विशेषज्ञ कृष्णकांत के कानूनी मार्गदर्शन में उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया है।

हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय

जानकारी के मुताबिक, मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के कुछ ही घंटों बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रबंधन से पूरे प्रकरण में जवाब तलब कर लिया। विभाग की ओर से प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब, संबंधित अभिलेख और अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

महिला शिक्षिका ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित शिक्षिका रेनू कुमारी का आरोप है कि उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन वर्षों पहले कॉलेज के प्रधानाचार्य बिजेंद्र कुमार द्वारा सक्षम स्तर से कराया जा चुका था। इसके बावजूद बाद में फर्जी डिग्री का मुद्दा उठाकर उनके खिलाफ एसआईटी और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। शिक्षिका ने इसे पूर्वाग्रहपूर्ण कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया गया।रेनू कुमारी का यह भी आरोप है कि वर्ष 2022 में कॉलेज में हुई कथित फर्जी नियुक्तियों में साथ नहीं देने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार पर पैसों की मांग करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पहले से विवादों में रहा है कॉलेज प्रबंधन

बताया जा रहा है कि नेशनल इंटर कॉलेज, धनौरी का प्रबंधन पूर्व में भी कथित फर्जी नियुक्तियों, प्रबंध समिति की वैधता और सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है।

अब महिला शिक्षिका से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और शिक्षा विभाग की ओर से जवाब तलब किए जाने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

15 दिन में जवाब पर टिकी निगाहें

कानूनी जानकारों के अनुसार, हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग की त्वरित सक्रियता से संकेत मिलता है कि विभाग पूरे प्रकरण के तथ्यों और अभिलेखों की जांच करना चाहता है। अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि कॉलेज प्रबंधन 15 दिनों के भीतर विभाग के समक्ष क्या जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत करता है। जांच के दौरान महिला शिक्षिका द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं, यह भी सामने आना बाकी है। फिलहाल पूरे मामले में शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई और कॉलेज प्रबंधन के जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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