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“मायापुर में गरजी जिला पंचायत की आवाज, गांव-गांव विकास का बिगुल—ग्रामीण समस्याओं से लेकर 2026-27 के मास्टर प्लान तक चला मंथन”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक एवं जिला पंचायत विकास योजना (डीपीडीपी) वर्ष 2026–27 की महत्वपूर्ण बैठक जिला पंचायत सभागार, मायापुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह (चौधरी किरण सिंह) ने की। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी सहित सभी जिला पंचायत सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी ग्रामीण समस्याओं को प्रमुखता से बोर्ड के समक्ष रखा। सदस्यों ने बिजली कनेक्शन, सड़क निर्माण, हैंडपंप, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, नालियों की समस्या सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतों को विस्तार से रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए सदस्यों ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह (चौधरी किरण सिंह) ने बताया कि बैठक में नए प्रस्तावों के साथ-साथ पूर्व में स्वीकृत एवं चल रहे कार्यों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु सभी सदस्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष के कार्यों पर विशेष चर्चा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।उन्होंने कहा कि गांवों के समग्र विकास के लिए सड़क, नालियों का निर्माण, सफाई व्यवस्था को मजबूत करना, तालाबों की सफाई, सड़क किनारे वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए पुस्तकालय (लाइब्रेरी) निर्माण की योजना पर भी चर्चा की गई, जिससे शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।बैठक में अनुसूचित जाति समाज से जुड़ी संवेदनशील जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अध्यक्ष ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद तीसरा-चौथा करने की परंपरा के दौरान जंगल में स्नान की मजबूरी को देखते हुए ट्यूबवेल एवं चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे, ताकि समाज के लोगों को सम्मानपूर्वक यह प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिल सके।राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज के परिवेश में लोग शहरों से गांव की ओर लौट रहे हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों को सुविधायुक्त बनाना आवश्यक है। अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही जिला पंचायत का मुख्य लक्ष्य है। सरकार द्वारा जन-जन के द्वार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुविधाएं देने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।

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