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“पहाड़ के अंतिम घर तक ‘हर घर नल, हर घर जल’ का संकल्प: उत्तराखंड में 98% ग्रामीण परिवारों तक पहुँचा नल कनेक्शन, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संसद में उठाई जल संकट की गूंज”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून । हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संसद में उत्तराखंड के पहाड़ी एवं आपदा-प्रवण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति तथा जलवायु-सुनम्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से पूछा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद पर्वतीय जिलों में मौसमी जल संकट, जल स्रोतों का क्षरण, भूस्खलन से पाइपलाइन क्षति तथा जल गुणवत्ता संबंधी चुनौतियाँ क्यों बनी हुई हैं और इनके समाधान हेतु क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य मंत्री, जल शक्ति वी. सोमण्णा द्वारा अपने लिखित उत्तर में 11 फरवरी 2026 तक उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में कुल 14,48,343 ग्रामीण परिवारों में से 14,18,272 परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे राज्य में कुल कवरेज 97.92 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह उपलब्धि जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि हरिद्वार जनपद की स्थिति भी उल्लेखनीय है। जिले के 2,49,303 ग्रामीण परिवारों में से 2,40,751 परिवारों को नल जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिससे 96.57 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हुई है। वी. सोमण्णा ने कहा कि हरिद्वार सहित पूरे राज्य में शत-प्रतिशत और सतत जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। जल गुणवत्ता की दृष्टि से वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड की प्रयोगशालाओं में 80,856 नमूनों का रासायनिक परीक्षण तथा 89,187 नमूनों का जीवाणु संबंधी परीक्षण किया गया है, जिसमें हरिद्वार जनपद में 3,309 रासायनिक तथा 3,779 जीवाणु परीक्षण संपन्न किए गए।

सांसद रावत ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि उत्तराखंड की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए गुरुत्वाकर्षण आधारित जल योजनाएँ, वर्षा जल संचयन, स्रोत संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा आपदा-प्रबंधन के लिए फ्लेक्सी-फंड जैसे प्रावधानों को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कनेक्शन जल स्रोतों की दीर्घकालिक सततता और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप मजबूत अवसंरचना विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 97.92% ग्रामीण परिवारों तक नल जल कनेक्शन, प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड में पेयजल आपूर्ति जीवन, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा प्रश्न है। हमारा लक्ष्य है कि पहाड़ के अंतिम घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

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उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि वे राज्य के हितों की पैरवी निरंतर करते रहेंगे।

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