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“निरस्त फर्म को 7.72 लाख का भुगतान पड़ा भारी! ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजय कुमार निलंबित, जांच के आदेश से मचा हड़कंप”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। बहादराबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत भगतनपुर आबिदपुर में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजय कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी हरिद्वार की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश में अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।

आदेश के मुताबिक अजय कुमार पर 15वें वित्त आयोग समेत अन्य विभागीय मदों में वित्तीय अनियमितताओं, नियमों की अनदेखी, शासकीय धन के संभावित दुरुपयोग तथा पद की जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। शिकायतों के आधार पर की गई प्राथमिक जांच में कई गंभीर बिंदु सामने आने का उल्लेख आदेश में किया गया है।

जांच में IRM Constructor & Supplier Roorkee नामक फर्म का मामला भी सामने आया। दस्तावेजों के अनुसार संबंधित फर्म का जीएसटी पंजीकरण वर्ष 2022 में निरस्त हो चुका था। इसके बावजूद वर्ष 2023-24 में उक्त फर्म के नाम से विभिन्न बिलों का भुगतान किए जाने का आरोप है। प्राथमिक जांच में ऐसे 19 बिलों का उल्लेख किया गया है, जिनकी कुल राशि 7,72,558.30 रुपये बताई गई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया से पहले फर्म की वैधता और जीएसटी दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन किया जाना अपेक्षित था। अंतिम स्थिति का निर्धारण मूल जीएसटी अभिलेखों, बिलों, वाउचरों और संबंधित बैंक दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद किया जाएगा।

इसके अलावा अजय कुमार के व्यवहार, कार्यशैली और पद की गरिमा के विपरीत आचरण संबंधी शिकायतों का भी आदेश में उल्लेख है। आरोपों की जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कलम सिंह राणा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में अजय कुमार को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा और उन्हें संबंधित विकासखंड कार्यालय से संबद्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच के निष्कर्ष के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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