न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:सेंट्रियो मॉल में ‘हनुमान अंश’ देखकर अभिभूत हुए CM धामी, बोले—नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा का संदेश आज भी प्रेरणादायी BIG BREAKING : हरिद्वार में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, DM मयूर दीक्षित का बड़ा फैसला—5 सितंबर को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद BIG BREAKING:हरिद्वार में बारिश का कहर, सुमननगर बना ‘तालाब’ — डीएम मयूर दीक्षित ने संभाली कमान, युद्धस्तर पर चल रहा जल निकासी अभियान BIG BREAKING:किसानों के लिए धामी सरकार की नई पहल! CM धामी ने लॉन्च किया ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप, मौसम से मंडी तक मिलेगी हर जरूरी जानकारी BIG BREAKING:देहरादून में मौसम का बड़ा अलर्ट! 3 घंटे का ऑरेंज अलर्ट, तेज बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका—प्रशासन अलर्ट मोड पर BIG BREAKING:वन-क्लिक से धामी सरकार का बड़ा तोहफा! 9.91 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंची ₹147 करोड़ की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
Home » इतिहास » “हरिद्वार का लाल बना आसमान का रक्षक: आयुष राठौर बने भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर, मेहनत-हौसले ने रचा इतिहास “

“हरिद्वार का लाल बना आसमान का रक्षक: आयुष राठौर बने भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर, मेहनत-हौसले ने रचा इतिहास “

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आयुष ने वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आयुष के वायु सेना फ्लाइंग ऑफिसर बनने से क्षेत्र वासियों में खुशी छाई है।

आयुष पुत्र प्रवीण कुमार राठौर के दादा स्वर्गीय बाबूराम राठौर की बड़ी पहचान रही है । ग्राम टांडा दिलीप उर्फ मझादा ब्लाक लक्सर जिला हरिद्वार निवासी आयुष ने प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल भेल रानीपुर हरिद्वार से व उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की । आयुष के पिता प्रवीण कुमार राठौर रुड़की में काफी लंबे समय तक लेखपाल रहे हैं, वर्तमान में कानूनगो पद पर तैनात हैं, इनके दिवंगत दादा बाबूराम राठौर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति रहे। जिनकी सामाजिक एवं राजनीतिक पहचान रही। नेहरू इंटर कॉलेज बादशाहपुर के प्रधानाचार्य रह चुके हैं । आयुष में बचपन से ही भारतीय सेना में जाने की इच्छा रही। जिसके लिए आयुष ने जीतोड़ मेहनत की। कई बार असफल भी रहे, किंतु लक्ष्य को प्राप्त करने की जिज्ञासा अटूट रही। इसी के फलस्वरूप एयर फोर्स एकेडमी हैदराबाद में प्रवेश हुआ। आयुष को 13 दिसंबर को पासिंग आउट परेड में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रुप में कमीशन मिल गया। पासिंग आउट परेड रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान के द्वारा संपन्न कराई गई। भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने पर इनके ग्राम एवं पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष ने साबित कर दिया कि यदि व्यक्ति के मन में सच्ची लगन हो तो कोई भी मुश्किल लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। आयुष ने अपना बचपन का जो सपना देखा था, वह साकार कर दिया है।

ALSO READ  "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएमए में ली शानदार पासिंग आउट परेड की सलामी, 515 युवा अफसरों ने थामा राष्ट्र रक्षा का दायित्व, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 5 0 5 1 9
Users Today : 72
Users Yesterday : 930
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 5 0 5 1 9
Users Today : 72
Users Yesterday : 930