न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING: 40वीं वाहिनी PAC में जन्माष्टमी का धमाल, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजा मंच, विक्की चौहान के गीतों पर झूम उठा हरिद्वार BIG BREAKING: गुरु सम्मान से सजा राजकमल कॉलेज, डॉ. राघवेंद्र चौहान बोले—शिक्षक ही गढ़ते हैं विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य BIG BREAKING: हरिद्वार में हाईवे पर अब नहीं चलेगा कब्जे और पार्किंग का खेल, DM मयूर दीक्षित ने दिए सख्त निर्देश BIG BREAKING: एआरटीओ निखिल शर्मा की सख्ती, रोशनाबाद कार्यालय में अनधिकृत गतिविधियों पर चला अभियान BIG BREAKING : वारदात से पहले ज्वालापुर पुलिस का बड़ा एक्शन, तमंचे-कारतूस संग आरोपित गिरफ्तार BIG BREAKING: हरिद्वार जीआरपी की जन्माष्टमी में दिखा भक्ति का रंग, 120 नन्हे कलाकारों ने मचाया धमाल
Home » महापर्व » पांच दिनों का दिवाली महापर्व 2025: धनतेरस से भाई दूज तक जगमगाते दीप, समृद्धि की कामना, अंधकार पर विजय और प्यार भरे रिश्तों का अनुपम संगम

पांच दिनों का दिवाली महापर्व 2025: धनतेरस से भाई दूज तक जगमगाते दीप, समृद्धि की कामना, अंधकार पर विजय और प्यार भरे रिश्तों का अनुपम संगम

(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। दिवाली का अवसर पांच दिनों तक चलता है, और प्रत्येक दिन का अपना अनूठा महत्व, परंपराएं और पूजा-विधि होती हैं। दिवाली 2025 का संपूर्ण कैलेंडर।

दिन तिथि त्योहार

पहला दिन 18 अक्टूबर धनतेरस

दूसरा दिन 19 अक्टूबर छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)

तीसरा दिन 20 अक्टूबर दिवाली और लक्ष्मी पूजा

चौथा दिन 22 अक्टूबर गोवर्धन पूजा

पांचवां दिन 23 अक्टूबर भाई दूज

पहला दिन: धनतेरस

त्योहारों की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। इस दिन भक्त धन और समृद्धि के लिए भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस शुभ अवसर पर सोना, चांदी या नए घरेलू सामान खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।

दूसरा दिन: नरक चतुर्दशी

दिवाली की पूर्व संध्या पर नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं, मनाई जाती है। यह त्योहार भगवान कृष्ण द्वारा असुर नरकासुर पर विजय का प्रतीक है, जो जीवन से नकारात्मकता और अंधकार को मिटाने का संकेत देता है।

तीसरा दिन: दिवाली

त्योहार का मुख्य आकर्षण तीसरा दिन दिवाली है। यह दिन भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। शाम को लोग लक्ष्मी और गणेश की पूजा करते हैं, मिट्टी के दीये जलाते हैं और अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं।

चौथा दिन: गोवर्धन पूजा

दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है, जो उस दिन का सम्मान करती है जब भगवान कृष्ण ने इंद्र देव के क्रोध से मथुरावासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था।

ALSO READ  "सेवा, समर्पण और संकल्प का महापर्व – खून की हर बूंद बनेगी जीवन का संदेश, कदम-कदम पर दौड़ेगा उत्साह – आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के जन्मदिवस पर भव्य मैराथन और विशाल रक्तदान महायज्ञ (खटीमा)"

पांचवां दिन: भाई दूज

भाई दूज पांच दिवसीय उत्सव का अंतिम दिन है, जो भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाई के स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं, और भाई उन्हें उपहार देकर अपने स्नेह का आदान-प्रदान करते हैं, जिसके साथ यह उत्सव एक मधुर अंत पर पहुंचता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 5 0 9 9 5
Users Today : 548
Users Yesterday : 930
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 5 0 9 9 5
Users Today : 548
Users Yesterday : 930