(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा घाटों पर तैनात आपदा राहत दल 40 पीएसी के जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान बच गई। जवानों की बहादुरी और सूझबूझ की स्थानीय श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की।
गंगा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच आपदा राहत दल लगातार मुस्तैद है।
पहली घटना रविवार 24 मई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे विष्णु घाट क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार अमित (26 वर्ष) पुत्र श्यामबाबू निवासी छपरोला, बादलपुर, जिला गौतम बुद्धनगर गंगा नदी को तैरकर पार करने का प्रयास कर रहा था।
नदी के बीच पहुंचने पर वह थक गया और बहाव में फंस गया। जान बचाने के लिए उसने विष्णु घाट पुल की लोहे की चेन पकड़ ली और मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगा।
मौके पर तैनात आपदा राहत दल 40 पीएसी के जवानों ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया और अमित को सकुशल बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
रेस्क्यू के दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने जवानों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रशंसा की।
वहीं दूसरी घटना भी विष्णु घाट पर हुई। सरस्वती (30 वर्ष) पत्नी रोहित निवासी हरियाणा टापू, पंतद्वीप पार्किंग हरिद्वार गंगा में स्नान कर रही थीं।
इसी दौरान डुबकी लगाते समय उनका पैर फिसल गया और वह गंगा के तेज बहाव में बहने लगीं। महिला को बहता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही आपदा राहत दल के जवान तुरंत सक्रिय हुए और बिना समय गंवाए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत एवं बचाव कार्य के बाद महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
दोनों रेस्क्यू अभियानों में उप निरीक्षक इखलाक मलिक, हेड कांस्टेबल रवि वालिया, हेड कांस्टेबल चंद्रमोहन, कांस्टेबल महावीर बिष्ट एवं कांस्टेबल दिलीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गंगा घाटों पर लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है।



























