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“रुद्रप्रयाग में डीएम प्रतीक जैन का सख्त तेवर: डीएलआरसी बैठक में बैंकों को चेतावनी, स्वरोजगार ऋण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं”

(शहजाद अली हरिद्वार)रूद्रप्रयाग । जिला स्तरीय पुनर्निरीक्षण समन्वय समिति (डीएलआरसी) की बैठक जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता शिविर, बैंकिंग सुविधाओं के साथ ही बैंक की ओर से स्वरोजगार के लिए दिए जाने वाले ऋण पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने ऋण आवंटन के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्य प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए।जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत निर्धारित ऋण आवेदनों की प्रगति समीक्षा करते हुए आगामी 15 जनवरी, 2026 तक प्रगति आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं की प्रगति का साप्ताहिक आधार पर आंकलन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री औपचारिक सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना व दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की भी गहनता से समीक्षा की। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वरोजगार ऋण हेतु किसी भी आवेदन पर अनावश्यक आपत्ति न लगाएं। इसके साथ ही युवाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराए जाएं।

इससे पूर्व बैठक में लीड बैंक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब तक निर्धारित 450 के सापेक्ष 231 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। उक्त योजना की समीक्षा के दौरान सबसे अधिक 18 लंबित आवेदन उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में पाए गए। जिसको लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि अनावश्यक किसी भी ऋण आवेदन को लंबित न रखा जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी ऋण आवेदनों की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा कर उनका निस्तारण किया जाए। लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत निर्धारित 36 में से 27 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं एनआरएलएम के अंतर्गत 880 में से 741, प्रधानमंत्री औपचारिक खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत 52 में से 38 आवेदकों को ऋण हेतु बैंकों को प्रेषित किया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विभाग अपनी योजनाओं के अनुसार युवाओं व समूहों को योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करें। इसके लिए विभिन्न अवसरों पर आयोजित शिविरों के माध्यम से कार्यशाला व जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एजीएम आरबीआई परमदीप सिंह, निदेशक आरसेटी अरुण कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, सहायक निदेशक सहकारिता आरएस राणा सहित विभिन्न बैंक प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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