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“जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किया मलेशिया सिविल सेवा के 33 प्रशिक्षु अधिकारियों का भव्य स्वागत, हरिद्वार की प्रशासनिक व्यवस्था, सांस्कृतिक धरोहर और आपदा प्रबंधन के अनुभवों से कराया रूबरू”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। मलेशिया सिविल सेवा के 33 प्रशिक्षु अधिकारियों का एक विशेष दल राष्ट्रीय सुशासन केंद्र, भारत सरकार की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को हरिद्वार पहुंचा। इस दल का नेतृत्व कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं फेकल्टी सदस्य डॉ. संजीव शर्मा, कोऑर्डिनेटर डॉ. बी.एस. बिष्ट एवं ट्रेनिंग एसोसिएट बृजेश बिष्ट ने किया।विकास भवन स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित स्वागत समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चौधरी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ एवं गंगाजल भेंटकर प्रशिक्षु अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी योजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वागत संबोधन में सभी मलेशिया सिविल सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को जनपद हरिद्वार आगमन पर बधाई दी और सिविल सेवा में चयनित होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारियों, अधिकारों और शक्तियों के साथ-साथ जिला प्रशासन की संरचना, कार्यप्रणाली और चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिलाधिकारी ने हरिद्वार के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर भी चर्चा की, जिसमें गंगा आरती, कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा जैसी ऐतिहासिक एवं धार्मिक घटनाओं की प्रशासनिक तैयारियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होते हैं, जिनका सामना टीम भावना और रणनीतिक योजना से किया जाता है।मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक ग्राम स्तर पर पहुंचाया जाता है और विकास के विभिन्न क्षेत्रों—जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्द्धन—में प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चौधरी ने जिले की कानून व्यवस्था, पुलिस संरचना और कानूनी ढांचे के बारे में प्रशिक्षु अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने धार्मिक आयोजनों, कुंभ और कांवड़ मेलों में भीड़ नियंत्रण की विशेष रणनीतियों, आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस बल किस प्रकार आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है।खंड विकास अधिकारी बहादराबाद, मानस मित्तल ने विकास खंड स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का ब्यौरा दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों की भूमिका, विभागीय समन्वय और ग्रामीण विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को समझाया।प्रशिक्षण सत्र के दौरान मलेशिया सिविल सेवा प्रशिक्षु अधिकारियों ने भारतीय प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

इन प्रश्नों में नीतियों के क्रियान्वयन, जनसहभागिता, प्रशासनिक पारदर्शिता, और आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने जैसे विषय शामिल थे।

 

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस अवसर पर कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश में प्रशासनिक कार्य केवल कानून और नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का भी विशेष महत्व है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को अपने करियर में पारदर्शिता, ईमानदारी और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का सफल संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी ने किया। इस अवसर पर मलेशिया प्रशासनिक दल के टीम लीडर, डिप्टी डायरेक्टर फायर एंड रेस्क्यू डिपार्टमेंट मोहम्मद खैरुल रिजाल एवं ट्रेनिंग एसोसिएट बृजेश बिष्ट ने जिला प्रशासन के सहयोग और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को स्मृति चिन्ह भेंट किए और भविष्य में भी भारत-मलेशिया के बीच प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर बना, बल्कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच आपसी समझ और सहयोग की नई राहें भी खोल गया।

हरिद्वार के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक अनुभवों ने मलेशिया के प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी झलक दी,

जो उनके पेशेवर जीवन में निश्चित ही उपयोगी सिद्ध होगी।

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