न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: हरिद्वार में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का दमदार संदेश, स्थानीय हुनर और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, उद्यमियों को रोजगार की नई उड़ान BIG BREAKING:: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन, ANM निलंबित; 12 मातृ मृत्यु मामलों की गहन जांच से मचा हड़कंप BIG BREAKING:: राज्यसभा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, कबड्डी-रिले-पिट्टू और भाला फेंक में विजेताओं ने लहराया परचम BIG BREAKING:: सेनानायक आयुष अग्रवाल ने सुनी जवानों की समस्याएं, 40वीं पीएसी में 33 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पर मिला सम्मान BIG BREAKING:: रुड़की में नगर निगम की जमीनों का महा-सर्वे, शेरपुर-खंजरपुर-मलकपुर में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी BIG BREAKING:: 25 पॉइंट कार्यक्रम पर CS का सख्त एक्शन, योजनाओं का हिसाब नहीं अब जनता को मिला लाभ देखेंगे आनन्द बर्द्धन
Home » सवाल » “देहरादून के डीएम आशीष चौहान का बैंकों पर बड़ा प्रहार: ‘गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाया तो होगी सख्त कार्रवाई’, SBI समेत कई बैंकों की कार्यशैली पर उठे सवाल”

“देहरादून के डीएम आशीष चौहान का बैंकों पर बड़ा प्रहार: ‘गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाया तो होगी सख्त कार्रवाई’, SBI समेत कई बैंकों की कार्यशैली पर उठे सवाल”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।

गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) और जिला सलाहकार समिति (DCC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि बैंक जनता के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें और रोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारकर जिले के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं।

उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी, ‘लोगों को बेवजह परेशान करना लापरवाही का प्रतीक है। बैंक अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

गरीबों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, बिगड़ी कानून-व्यवस्था तो नपेंगे बैंक

बैठक में जिलाधिकारी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऋण वितरण, निवेश और फाइनेंसिंग के नाम पर तमाशा खड़ा न किया जाए। आरबीआई के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित होना चाहिए। संवेदनशील रुख अपनाते हुए डीएम ने कहा कि अगर किसी भी गरीब को कर्ज के जाल में फंसाकर, उसका घर नीलाम कर उसे सड़क पर आने के लिए मजबूर किया गया, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। ऋण वितरण में किसी भी अनियमितता के कारण यदि जिले में कहीं भी कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो प्रशासन सख्त से सख्त कदम उठाएगा।

बैठक से गायब रहे बंधन, इंडसइंड और आईडीएफसी बैंक को शो-कॉज नोटिस

समीक्षा बैठक को गंभीरता से न लेने और नदारद रहने वाले बैंकों पर भी गाज गिरी है। बैठक में बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक का कोई भी प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इसके अलावा कुछ अन्य बैंकों के मुख्य प्रबंधक भी गायब रहे। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए इन सभी को तत्काल श्कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

ALSO READ  "नारसन बॉर्डर पर आस्था से छल: 'गुप्ता चार्ट भंडार' की आड़ में निकली गुलफाम की दुकान, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल"

एसबीआई के खराब प्रदर्शन पर भड़के डीएम

जिले के क्रेडिट डिपॉजिट रेशियो की समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बेहद लचर परफॉर्मेंस सामने आई। जिले में एसबीआई का सीडी रेशियो सबसे कम मात्र 21.73 प्रतिशत रहा, जबकि कृषि क्षेत्र में 277.50 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले बैंक सिर्फ 28.53 प्रतिशत ऋण ही बांट सका। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा, ष्जिले के लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा जिले के ही विकास कार्यों में लगना चाहिए। जो बैंक यहाँ के लोगों से पैसा जमा कराकर उसे बाहर निवेश कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिलेगा। अच्छा काम करने वाले बैंकों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया।

स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन लटके तो खैर नहीं, अस्वीकृति का देना होगा स्पष्ट कारण

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं जैसे-पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण व शहरी आजीविका मिशन के तहत आए आवेदनों को बैंक पेंडिंग न रखें। पात्र लोगों को बिना देरी किए लोन आवंटित किया जाए।

डीएम ने निर्देश दिए कि यदि बैंक किसी आवेदन को रिजेक्ट (अस्वीकार) करता है, तो उसे इसका स्पष्ट कारण बताना होगा, ताकि आवेदक अपनी कमियों को सुधार कर दोबारा समय पर ऋण पा सके। लोन रिकवरी के लंबित मामलों में बैंकों को संबंधित तहसीलों से तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया।

जिले के 6 बड़े बैंकों का सीडी रेशियो मानक से कम

लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया ने बैठक में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मार्च महीने तक पूरे देहरादून जिले का औसत सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत रहा, जो दिसंबर की तुलना में 0.45 प्रतिशत बेहतर है। हालांकि, जिले के 32 बैंकों में से 6 बड़े बैंकों एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक, यूसीओ, आईडीबीआई और बीओबी का सीडी रेशियो अब भी आरबीआई के 40 प्रतिशत के अनिवार्य मानक से कम है। राहत की बात यह है कि जिले के 921 एटीएम में से 916 पूरी तरह सक्रिय हैं और जिले के 95.98 प्रतिशत नागरिकों को डिजिटल लेनदेन से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में तय लक्ष्य 650 के मुकाबले रिकॉर्ड 751 आवेदकों को ऋण वितरित किया जा चुका है।

ALSO READ  बहादराबाद टोल प्लाजा पर फास्टैग कटौती में गड़बड़ी, स्थानीय लोग परेशान

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया, आरबीआई के एलडीओ अवनेश्वर सिंह, नाबार्ड के डीडीएम प्रदीप राम सहित विभिन्न विभागों और बैंकों के जिला व शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 2 7
Users Today : 217
Users Yesterday : 861
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 2 7
Users Today : 217
Users Yesterday : 861