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सहकारिता–पशुपालन विभाग का बड़ा फैसला : साइलेज योजना से दुग्ध उत्पादन में नई क्रांति, पर्वतीय जनपदों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी सशक्त

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश भर में साइलेज के उत्पादन, पैकेजिंग एवं वितरण से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि सहकारिता एवं पशुपालन-दुग्ध विभाग का संयुक्त प्रयास पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाला चारा रियायती दरों पर उपलब्ध कराने में क्रांतिकारी साबित होगा। इससे न केवल पशु पोषण सुनिश्चित होगा, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

विशेष उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के सभी 10 पर्वतीय जनपदों में पहले से ही यह योजना संचालित है। अब इस समीक्षा बैठक में इसे और अधिक व्यापक रूप देने पर सहमति बनी है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस योजना का लाभ उठा सकें।

 

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा

“दो विभागों के बीच सशक्त तालमेल से प्रदेश के किसानों व पशुपालकों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।”

 

वहीं पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा –“साइलेज उत्पादन एवं वितरण में सहकारिता की भागीदारी से पशुपालकों को लागत में भारी बचत होगी और यह प्रयास दुग्ध क्षेत्र में नवाचार व विकास के द्वार खोलेगा।”

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभागीय समन्वय को संस्थागत रूप दिया जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्रता से हो और पशुपालकों को स्थायी तथा प्रभावी लाभ मिल सकें।

यह पहल विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए नई ऊर्जा और आशा का स्रोत बनेगी तथा प्रदेश में कृषि और दुग्ध क्षेत्र को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर सचिव सहकारिता एवं पशुपालन-दुग्ध विकास डॉ. बी.वी.आर. परुषोत्तम, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक श्री आनंद शुक्ल एवं दोनों विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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