(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। रामानंद इंस्टीट्यूट में इंजीनियर्स डे के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी, निदेशक डॉ. मयंक गुप्ता, प्रबंध निदेशक मनुज उनियाल, इंजीनियरिंग विभाग के प्रधानाचार्य सूरज राजपूत एवं फार्मेसी विभाग की प्रधानाचार्या डॉ. कुसुम लता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल विभाग के विद्यार्थियों ने अपने लाइव प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रोग्रामिंग, हाइड्रोलिक ब्रिज मॉडल सहित विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि केवल डिग्री हासिल कर लेना ही इंजीनियर बनने की पहचान नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कार्यकुशलता और नवाचार ही इंजीनियर की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि AI और ग्रीन टेक्नोलॉजी का उपयोग समाज और देश के हित में किया जाना चाहिए। तकनीकी नवाचार के माध्यम से भारत को विश्व गुरु बनाने में इंजीनियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
निदेशक डॉ. मयंक गुप्ता ने विद्यार्थियों से केवल अंकों तक सीमित न रहने और अपनी व्यावहारिक स्किल को लगातार विकसित करने का आह्वान किया। प्रबंध निदेशक मनुज उनियाल ने छात्रों को नए प्रयोग और तकनीकी नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शिक्षा के महत्व और अशिक्षा से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को प्रस्तुत किया। इसके अलावा क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया।
मंच संचालन श्वेता, मंजीत, प्रिंस और प्रियंका ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।








































Users Today : 496
Users Yesterday : 1179






