न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: 36 साल के अनुभव और शानदार कार्यशैली के दम पर एम. श्रीधर को मिली बीएचईएल में बड़ी जिम्मेदारी, बने निदेशक (मानव संसाधन) BIG BREAKING:: हरिद्वार में 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य आगाज, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने दिया मानवता और आध्यात्मिक जागृति का दिव्य संदेश BIG BREAKING:: जीआरपी हरिद्वार के रक्तदान शिविर में 42 यूनिट रक्तदान, 67 पुलिसकर्मियों की हुई स्वास्थ्य जांच BIG BREAKING:: मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण में खुली पोल, कहीं केंद्र बंद तो कहीं एक्सपायरी पाउडर और धूल फांकती मिलीं 500 किताबें! BIG BREAKING:: कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में तेज होगी रफ्तार, मेलाधिकारी का NHAI को अल्टीमेटम—दिन-रात काम करो, समय पर बाईपास तैयार करो! BIG BREAKING:: छात्रों के झगड़े में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, एसपी ने टटीरी चौकी इंचार्ज समेत सभी 14 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर
Home » संदेश » BIG BREAKING:: हरिद्वार में 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य आगाज, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने दिया मानवता और आध्यात्मिक जागृति का दिव्य संदेश

BIG BREAKING:: हरिद्वार में 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य आगाज, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने दिया मानवता और आध्यात्मिक जागृति का दिव्य संदेश

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। “वास्तविक जागृति तभी आती है, जब मनुष्य हर पल परमात्मा की उपस्थिति का एहसास करते हुए आध्यात्मिकता को अपने जीवन में धारण करता है।” ये प्रेरणादायी उद्गार सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के प्रथम दिवस ‘मानवता के नाम संदेश’ में व्यक्त किए।

हरिद्वार मीडिया सहायक ने जानकारी देते हुए बताया कि

23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय संत समागम का शुभारंभ परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होकर सतगुरु के दिव्य दर्शन एवं पावन संदेशों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

संत समागम के प्रथम दिवस ‘मानवता के नाम संदेश’ में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने फरमाया कि देश-विदेश से संत-महापुरुषों के एकत्रित होने का मूल उद्देश्य मानव मन में आध्यात्मिक जागृति बनाए रखना है, ताकि जीवन के प्रत्येक पल को पूर्ण चेतना एवं परमात्मा के एहसास के साथ जिया जा सके।

सतगुरु माता जी ने समझाया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, परिवार, समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए एक जागरूक वैश्विक नागरिक बनना चाहिए। जाति-पाति, भाषा, क्षेत्र अथवा स्वभाव के अंतर से ऊपर उठकर प्रत्येक इंसान को प्रेम, सम्मान और अपनत्व के भाव से स्वीकार करना ही सच्ची मानवता है।

सतगुरु माता जी ने आगे फरमाया कि वास्तविक आध्यात्मिक जागृति केवल विचारों या दिखावे तक सीमित नहीं होती, बल्कि हमारे व्यवहार, आचरण और सामाजिक कर्तव्यों में भी प्रकट होनी चाहिए। यह जागृति किसी एक क्षण या अवसर की बात नहीं, बल्कि जीवनभर बनाए रखने वाला भाव है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, परमात्मा की रज़ा को स्वीकार करते हुए प्रत्येक पल को उसके प्रसाद के रूप में प्रसन्नता, संतोष और कृतज्ञता के साथ जीना ही सच्ची आध्यात्मिकता है।

ALSO READ  “वीबीजीरामजी से गांवों को रोजगार की गारंटी: बेलड़ा ग्राम चौपाल में त्रिवेंद्र रावत का बड़ा संदेश—ग्रामीण आत्मनिर्भरता से बनेगा विकसित भारत”

समागम स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का स्वागत संत निरंकारी मंडल के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह जी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा मंडल की प्रधान राजकुमारी ने पुष्पहार अर्पित कर किया। वहीं, निरंकारी राजपिता रमित जी का अभिनंदन एस. एल. गर्ग ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा एच. एस. चावला ने पुष्पहार पहनाकर किया।

तत्पश्चात् सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी को पुष्पों से सुसज्जित खुली पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा के रूप में समागम पंडाल के मध्य से मुख्य मंच तक ले जाया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 9 5 9 6 6
Users Today : 165
Users Yesterday : 381
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 9 5 9 6 6
Users Today : 165
Users Yesterday : 381