न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: हर की पौड़ी पर भिक्षावृत्ति के खिलाफ चला अभियान, सुनीता चौधरी के नेतृत्व में बच्चों का रेस्क्यू; कनखल और ज्वालापुर के आश्रय गृहों में भेजे गए बच्चे BIG BREAKING:: बेतालघाट में नदी में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव बरामद, एसडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता BIG BREAKING:: पानी साफ दो, बिल सही दो! विधायक आदेश चौहान ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, गलत बिलों पर लगाम लगाने की तैयारी BIG BREAKING:: रुड़की में बांसुरी स्वराज का संगठन को मजबूत करने पर जोर, कार्यकर्ताओं को दिया जनता से निरंतर संवाद का मंत्र! BIG BREAKING:: खेल महाकुम्भ में नैनीताल का डबल धमाका! फुटबॉल के मैदान में दिखा दम, अंडर-14 में अल्मोड़ा और अंडर-19 में पौड़ी को हराकर दोनों खिताबों पर जमाया कब्जा BIG BREAKING:: बागेश्वर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, एसपी जितेन्द्र मेहरा ने संभाली कमान
Home » एक्शन » Big breaking:रोपवे परियोजनाओं पर CM धामी का बड़ा एक्शन! 09 नवंबर तक धरातल पर दिखना चाहिए काम, धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी

Big breaking:रोपवे परियोजनाओं पर CM धामी का बड़ा एक्शन! 09 नवंबर तक धरातल पर दिखना चाहिए काम, धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इन परियोजनाओं की प्रगति की पुनः समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब स्वीकार्य नहीं होगा और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जनपदों में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय स्वीकृतियों अथवा अन्य स्तर पर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन सुगम होने के साथ सड़क मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

ALSO READ  "केदारनाथ-बद्रीनाथ विकास कार्यों पर मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन, 6 नए ब्लॉकों का काम तुरंत शुरू करने के निर्देश; कूड़ा प्रबंधन और मास्टर प्लान में लाई जाएगी रफ्तार"

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML), उत्तराखण्ड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम (UKMRC) तथा पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुतीकरण के अनुसार प्रथम चरण में NHLML की 11 तथा द्वितीय चरण में 06 प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं के साथ UKMRC से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनसे संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रस्तुतीकरण के अनुसार केदारनाथ रोपवे परियोजना की लंबाई 12.90 किमी तथा हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की लंबाई 12.40 किमी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी।

मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे परियोजना से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि नैनीताल राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है। पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में रोपवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।मुख्यमंत्री ने देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने परियोजना से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी में विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। रोपवे से पर्यटकों को वैकल्पिक एवं सुगम परिवहन सुविधा मिलने के साथ सड़क यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी सहित अन्य प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। जिन मामलों में भूमि अथवा अन्य विभागीय स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित है, संबंधित जिलाधिकारी उनमें प्रभावी समन्वय स्थापित कर तेजी से समाधान सुनिश्चित करें।

ALSO READ  "लक्सर में एक्सपायरी खाद्य पदार्थों पर चला प्रशासन का बुलडोज़र! 2 कुंतल सामान नष्ट, कारोबारी का लाइसेंस रद्द; कांवड़ मेले में खाद्य माफियाओं पर सख्त एक्शन"

बैठक में हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना तथा त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं में यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोपवे परियोजनाओं में प्रगति केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रहे, बल्कि 09 नवम्बर तक कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दें। उन्होंने संबंधित विभागों, जिलाधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय से सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान करते हुए परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 15 दिन में मुख्य सचिव को दी जाने वाली प्रगति रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जल्द ही रोपवे परियोजनाओं की पुनः समीक्षा करेंगे।इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 8 3 1 7 3
Users Today : 525
Users Yesterday : 836
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 8 3 1 7 3
Users Today : 525
Users Yesterday : 836