(शहजाद अली हरिद्वार) रूड़की। रुड़की में एआरटीओ जितेंद्र चांद इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को एआरटीओ ने अपने कार्यालय के बाहर संचालित हो रही दुकानों और संदिग्ध गतिविधियों पर बड़ी छापेमारी की।
इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर के बाहर अनाधिकृत रूप से काम कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया।छापेमारी के दौरान एक सीएससी सेंटर को भी सीज किया गया, जहां बिना अनुमति के कार्य किए जा रहे थे।
एआरटीओ की इस सख्त कार्रवाई को हाल ही में किसान यूनियन द्वारा दिए गए ज्ञापन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
5 मई को किसान यूनियन के कार्यकर्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कार्यालय के बाहर हो रही अनियमितताओं की शिकायत भी शामिल थी।
“भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” — एआरटीओ जितेंद्र चांद
एआरटीओ जितेंद्र चांद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के कार्य कर रही है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और कार्यालय के बाहर चल रही अवैध गतिविधियां पूरी तरह बंद कराई जाएंगी।
“जनता को मिले पारदर्शी और आसान सेवा”
उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि एआरटीओ कार्यालय में आने वाले लोगों के कार्य बिना किसी देरी और परेशानी के पूरे किए जाएं। किसी भी प्रकार की दलाली या अनाधिकृत हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन अब एआरटीओ कार्यालय के आसपास फैले अवैध नेटवर्क पर सख्ती से लगाम कसने के मूड में है।
“छापेमारी आगे भी जारी रहेगी”
एआरटीओ ने यह भी साफ किया कि यह कार्रवाई एक बार की नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार अभियान चलाकर अनियमितताओं को खत्म किया जाएगा।
कुल मिलाकर, रुड़की एआरटीओ की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर प्रहार है, बल्कि आम लोगों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।


























