न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:मालागूंठी में भीषण सड़क हादसा! दो वाहनों की जोरदार भिड़ंत, कार में फंसे 4 लोगों को SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया BIG BREAKING:नदियों का रौद्र रूप! खेतों में तेज कटाव से बढ़ी दहशत, गांवों की ओर मंडराया बाढ़ का खतरा BIG BREAKING:देहरादून में बारिश का अलर्ट! प्रशासन एक्टिव, जलभराव वाले इलाकों में QRT तैनात—डीएम आशीष चौहान ने संभाली कमान BIG BREAKING:हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR से सियासी हलचल तेज, SC युवक की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज BIG BREAKING:इंसानियत की मिसाल: डा. कुर्बान अली कपासी की अंतिम इच्छा का हिंदू सहयोगियों ने रखा मान, ज्वालापुर कब्रिस्तान में पूरे सम्मान से कराया सुपुर्द-ए-खाक BIG BREAKING:ऑरेंज अलर्ट से उत्तराखंड में बढ़ी सतर्कता, SDRF हाई अलर्ट पर—सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीमों की तैयारियों का लिया जायजा
Home » देश » एक राष्ट्र, एक चुनाव – लोकतंत्र की सच्ची पहचान

एक राष्ट्र, एक चुनाव – लोकतंत्र की सच्ची पहचान

(शहजाद अली हरिद्वार) देहरादून।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री कमलेश रमन ने कहा कि आज़ादी के बाद भारत ने अपने लोकतंत्र की नींव बड़े विश्वास और समानता के सिद्धांतों पर रखी थी।

1952, 1957, 1962 और 1967 में पूरे देश में एकसाथ चुनाव हुए — वह भी तब, जब देश तकनीकी दृष्टि से नवजात था, संसाधन सीमित थे, और संचार के साधन नगण्य थे।

फिर क्या हुआ कि समय के साथ यह परंपरा टूटी? कारण स्पष्ट है — सत्ता में रही कांग्रेस ने चुनावों को अपनी राजनीतिक सुविधा का साधन बना लिया। राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव करवा कर उन्होंने लोकतंत्र को बोझिल और महंगा बना दिया।

आज भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुशासन, पारदर्शिता और सबका साथ-सबका विकास की ओर अग्रसर है। “वन नेशन, वन इलेक्शन” इस सुशासन का मूल आधार बन सकता है।

आज हमारे पास हर संसाधन है — आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कर्मचारी, मजबूत चुनाव आयोग, और सबसे बड़ी बात — एक जागरूक जनता। ऐसे में बार-बार चुनावों के कारण पड़ने वाला आर्थिक बोझ, प्रशासनिक ठहराव और विकास की रुकावट अब अस्वीकार्य है।

“एक देश, एक चुनाव” न केवल चुनाव प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाएगा, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को सशक्त करेगा। यह विचार केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पुनर्जागरण का प्रतीक है।

समय आ गया है कि हम फिर से उस व्यवस्था की ओर लौटें, जहां लोकतंत्र की शक्ति एकजुट हो — जहां जनादेश एक स्वर में बोले, और जनकल्याण बिना रुके आगे बढ़े।

ALSO READ  हरिद्वार: भगत सिंह चौक के पास खड़ी दो कारों में लगी आग, चंद मिनटों में खाक हुई गाड़ियां

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 6 5 9 5
Users Today : 340
Users Yesterday : 1179
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 6 5 9 5
Users Today : 340
Users Yesterday : 1179