न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: राहुल गांधी के साथ अभद्रता के विरोध में कांग्रेस का काला दिवस, शिवालिक नगर चौक पर फूंका सरकार का पुतला BIG BREAKING:: मानव तस्करी पर उत्तराखंड पुलिस का बड़ा एक्शन, छह राज्यों ने मिलकर बनाई रणनीति, हरिद्वार पुलिस ने बालिका और मासूम को बचाया BIG BREAKING:: कुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार, मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने दिए सख्त निर्देश! घाट, सड़कें और पुल समय पर होंगे तैयार, दिन-रात चलेगा निर्माण कार्य BIG BREAKING:: हर की पौड़ी पर भिक्षावृत्ति के खिलाफ चला अभियान, सुनीता चौधरी के नेतृत्व में बच्चों का रेस्क्यू; कनखल और ज्वालापुर के आश्रय गृहों में भेजे गए बच्चे BIG BREAKING:: बेतालघाट में नदी में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव बरामद, एसडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता BIG BREAKING:: पानी साफ दो, बिल सही दो! विधायक आदेश चौहान ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, गलत बिलों पर लगाम लगाने की तैयारी
Home » निरीक्षण » रुड़की में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिंघाड़ा बेकरी यूनिट की पहल, सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने किया निरीक्षण

रुड़की में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिंघाड़ा बेकरी यूनिट की पहल, सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने किया निरीक्षण

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 09 जून 2025: रुड़की विकासखंड में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और पारंपरिक स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सिंघाड़ा आटे से निर्मित कुकीज, ब्रेड और बिस्कुट उत्पादन हेतु बेकरी यूनिट स्थापित की जा रही है। इस परियोजना का संचालन आस्था सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) के माध्यम से किया जा रहा है।मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने आज इस प्रस्तावित बेकरी यूनिट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट की निर्माण प्रगति, विद्युत एवं जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा उत्पादन आरंभ की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया।मौके पर उपस्थित जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय सक्सेना ने ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम और यूनिट स्थापना की अद्यतन जानकारी सीडीओ को दी। महिलाओं को देहरादून के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) के विशेषज्ञों द्वारा कुकीज व बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसकी प्रगति की भी समीक्षा की गई।सीडीओ ने सहायक खंड विकास अधिकारी श्री कमलेश कांडपाल को निर्देशित किया कि समस्त निर्माण और तकनीकी कार्य 12 जून 2025 तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उत्पादन तय समय पर शुरू होना चाहिए।निरीक्षण के दौरान विकासखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। यह पहल न केवल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

ALSO READ  "चम्पावत में विकास की बिग-पिक्चर: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन का शारदा करिडोर, स्पान पुल, इको-टूरिज्म ज़ोन व श्यामलाताल तक का मेगा स्थलीय निरीक्षण—परियोजनाओं की रफ्तार, गुणवत्ता और भविष्य की संभावनाओं पर सख्त मॉनिटरिंग!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 8 3 2 9 6
Users Today : 16
Users Yesterday : 632
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 8 3 2 9 6
Users Today : 16
Users Yesterday : 632