न्यूज़ फ्लैश
“कलियर में उर्स के बीच ज्वेलरी बाजार में भड़की भीषण आग, मची अफरा-तफरी—बाल-बाल बचीं आसपास की दुकानें” “हरियाली तीज के उल्लास संग गूंजा देशभक्ति का रंग, इमैक की महिलाओं ने सजाया यादगार महोत्सव” “समुद्र मंथन की भव्य थीम से सजेगा कुंभ का स्वागत द्वार, मंडावर से दिखेगी देवभूमि की दिव्य-सांस्कृतिक झलक” “कुंभ 2027 की तैयारियों में तेजी: पेयजल योजनाओं का दयानंद सरस्वती ने लिया जायजा, अफसरों को दिए सख्त निर्देश” “भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड का दमदार दबदबा, तीरथ रावत बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष—बलूनी समेत चार दिग्गजों को मिली बड़ी जिम्मेदारी” “रक्तदान की आड़ में खून का काला कारोबार! लक्सर पुलिस का बड़ा एक्शन, 27 यूनिट रक्त और ब्लड कलेक्शन उपकरण बरामद—5 आरोपी गिरफ्तार”
Home » निरीक्षण » रुड़की में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिंघाड़ा बेकरी यूनिट की पहल, सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने किया निरीक्षण

रुड़की में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिंघाड़ा बेकरी यूनिट की पहल, सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने किया निरीक्षण

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 09 जून 2025: रुड़की विकासखंड में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और पारंपरिक स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सिंघाड़ा आटे से निर्मित कुकीज, ब्रेड और बिस्कुट उत्पादन हेतु बेकरी यूनिट स्थापित की जा रही है। इस परियोजना का संचालन आस्था सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) के माध्यम से किया जा रहा है।मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने आज इस प्रस्तावित बेकरी यूनिट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट की निर्माण प्रगति, विद्युत एवं जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा उत्पादन आरंभ की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया।मौके पर उपस्थित जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय सक्सेना ने ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम और यूनिट स्थापना की अद्यतन जानकारी सीडीओ को दी। महिलाओं को देहरादून के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) के विशेषज्ञों द्वारा कुकीज व बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसकी प्रगति की भी समीक्षा की गई।सीडीओ ने सहायक खंड विकास अधिकारी श्री कमलेश कांडपाल को निर्देशित किया कि समस्त निर्माण और तकनीकी कार्य 12 जून 2025 तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उत्पादन तय समय पर शुरू होना चाहिए।निरीक्षण के दौरान विकासखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। यह पहल न केवल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 5 6 4 9
Users Today : 194
Users Yesterday : 523
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 5 6 4 9
Users Today : 194
Users Yesterday : 523