(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जिलाधिकारी के निर्देश पर हरिद्वार की हर की पौड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों में बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता चौधरी के नेतृत्व में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट), जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), चाइल्ड हेल्पलाइन और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों को रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षा एवं संरक्षण की दृष्टि से कनखल और ज्वालापुर स्थित खुले आश्रय गृहों में भेजा गया।
बच्चों के हाथों में कलम-किताब होनी चाहिए, न कि भिक्षा का कटोरा : सुनीता चौधरी
अभियान के दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता चौधरी ने कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक स्थिति है कि जिन बच्चों के हाथों में आज कलम और किताबें होनी चाहिए, वे भिक्षा मांग रहे हैं। बच्चों का बचपन शिक्षा प्राप्त करने, अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर भविष्य बनाने में व्यतीत होना चाहिए। उन्हें भिक्षावृत्ति में संलग्न देखना समाज के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराना, उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न विभागों के सहयोग से अभियान चलाए जाते हैं, ताकि भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों को रेस्क्यू कर उचित संरक्षण प्रदान किया जा सके
अभियान में लेबर इंस्पेक्टर मीनाक्षी भट्ट, भिक्षुक गृह के अधीक्षक अभिषेक कुमार, गौरव कुमार, मेला चिकित्सालय से डॉ. हेमंत, जिला बाल संरक्षण इकाई से मेघा पुरोहित, चाइल्ड हेल्पलाइन से रेनू कुमार एवं आशीष कुमार, हर की पौड़ी पुलिस चौकी से मानसिंह तथा एएचटीयू से दीपक कुमार सहित अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।








































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