न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: पुलिस महकमे में फेरबदल, अनुज सिंह को कनखल और नितिन चौहान को बहादराबाद में एसएसआई की जिम्मेदारी BIG BREAKING:: स्टेशन के बाहर नहीं लगेगा वाहनों का जाम, ऑटो-विक्रम-ई-रिक्शा पर प्रशासन का ‘ब्रेक’; होल्डिंग एरिया से चलेगी नई ट्रैफिक व्यवस्था BIG BREAKING:: रुड़की में गरमाया ‘वोट चोरी’ का मुद्दा, कांग्रेस का पैदल मार्च-प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका BIG BREAKING:: जिला योजना की धनराशि खर्च करने में नहीं चलेगी ढिलाई! डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश, मुख्यमंत्री घोषणाओं और विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार BIG BREAKING:: हरिद्वार में 30 सितंबर को लगेगा बड़ा रोजगार मेला, 18 से 40 साल के युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका BIG BREAKING:: सफाई कर्मचारियों के हक और सुरक्षा पर सख्त हुआ आयोग, मकवाना बोले—सम्मान से समझौता नहीं, समयबद्ध हो समस्याओं का समाधान
Home » सख्त » BIG BREAKING:: सफाई कर्मचारियों के हक और सुरक्षा पर सख्त हुआ आयोग, मकवाना बोले—सम्मान से समझौता नहीं, समयबद्ध हो समस्याओं का समाधान

BIG BREAKING:: सफाई कर्मचारियों के हक और सुरक्षा पर सख्त हुआ आयोग, मकवाना बोले—सम्मान से समझौता नहीं, समयबद्ध हो समस्याओं का समाधान

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस, देहरादून में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, उनके सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।बैठक में अध्यक्ष श्री मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी एवं पर्यावरण मित्र शहरों और समाज को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उनका समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा आयोग द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

ALSO READ  “बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार में हाई-अलर्ट: 8 जोन, 21 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा, ट्रैफिक से लेकर भीड़ तक पर सख्त नजर”

उन्होंने हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में किसी पर्यावरण मित्र को सेप्टिक टैंक अथवा सीवर में मैनुअल तरीके से प्रवेश न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभाग आधुनिक तकनीक एवं मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करें।अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के उपयोग से सफाई व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए मैनहोल को “मशीन होल” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। सीवर एवं मैनहोल की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक तथा अन्य यांत्रिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाया जाए, ताकि पर्यावरण मित्रों के जीवन एवं स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का जोखिम न रहे।

ALSO READ  "चतुर्थ श्रेणी भर्ती पर मंत्री का सख़्त रुख़: 2364 पदों की भर्ती में देरी पर अधिकारियों की लगी क्लास, एक हफ्ते में प्रक्रिया शुरू करने के फरमान "

अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक पर्यावरण मित्र को सफाई कार्य से संबंधित तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। साथ ही, सभी पर्यावरण मित्रों को नियमित रूप से पी.पी.ई किट उपलब्ध कराने तथा इसकी गुणवत्ता एवं उपलब्धता की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों की वर्तमान वेतन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए तथा उनके लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को उनका वेतन एवं अन्य देयक समयबद्ध रूप से उपलब्ध होना चाहिए। साथ ही सफाई कार्य के लिए आवश्यक मशीनों, उपकरणों एवं पी.पी.ई. किट की खरीद के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।अध्यक्ष ने पर्यावरण मित्रों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने पर के दृष्टिगत जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा की सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा अधिक से अधिक सफाई कर्मचारियों को इन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहायता एवं फंड की व्यवस्था करने की दिशा में प्रस्ताव तैयार करने को कहा। ताकि उन्हें शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

अध्यक्ष ने National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem (NAMASTE) योजना से अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों को जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि योजना का उद्देश्य केवल सफाई कार्य को सुरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण मित्रों के परिजनों को स्वरोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी की स्पष्ट पहचान एवं विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित निकाय एवं विभाग अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों से संबंधित सभी योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा एवं सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

ALSO READ  "डीजीपी दीपम सेठ का सख्त फरमान: उत्तराखंड में ‘मेगा वेरिफिकेशन ड्राइव’ शुरू, अवैध विदेशी और संदिग्धों पर कसेगा शिकंजा — पुलिस, STF-SOG की संयुक्त मुहिम से हर किरायेदार, डिलीवरी एजेंट और इंडस्ट्रियल एरिया की होगी गहन जांच!"

इस अवसर पर अपर सचिव/निदेशक, शहरी विनोद गिरि गोस्वामी, एडीएम के.के मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 2 8 4 6
Users Today : 131
Users Yesterday : 1106
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 2 8 4 6
Users Today : 131
Users Yesterday : 1106