(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने सहयोगी से जुड़े कथित कैश और ज्वैलरी बरामदगी के मामले के बीच कांग्रेस में अपने दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। रावत ने कहा कि वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रही है और उनकी वजह से इस संघर्ष में किसी तरह की कमजोरी नहीं आनी चाहिए।
हरीश रावत ने अपने बयान में कहा कि टीवी पर देहरादून में उनके पूर्व ओएसडी रहे श्री जीना से जुड़े मामले में भारी मात्रा में कैश और ज्वैलरी पकड़े जाने की खबर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविकता का खुलासा जांच के बाद होगा। ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ के आरोपों पर रावत ने कहा कि यदि उनके सहयोगी ने ऐसा किया है और उसके प्रमाण सामने आते हैं तो वह इस कृत्य के लिए लज्जित होंगे, हालांकि फिलहाल उन्हें इस आरोप पर विश्वास नहीं है।
रावत ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन और अपने कार्यकाल में हुई भर्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके तीन वर्ष के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां हुईं। उन्होंने कहा कि यदि नियुक्तियों या भर्ती प्रक्रिया में उनसे जाने-अनजाने कोई गलती हुई है और उससे प्रदेश के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है तो वह इसके लिए उत्तराखंड की जनता से क्षमा मांगते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भर्ती मामलों में उनकी संलिप्तता के कोई प्रमाण किसी के पास हैं तो उन्हें सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यदि उनसे कोई चूक हुई है तो कानून के अनुसार उन्हें दंडित किया जाना चाहिए








































Users Today : 672
Users Yesterday : 621






