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“हरेला पर हरियाली का महाअभियान: मंत्री प्रदीप बत्रा संग जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने लगाया पौधा, हरित उत्तराखंड का लिया संकल्प”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित सामुदायिक केंद्र में नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा के संयोजन में भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। फलदार एवं छायादार पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया तथा लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।हरेला पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना और समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी था। पूरे कार्यक्रम के दौरान हरित उत्तराखंड, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।

कई प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला सह-प्रभारी दीपक धमीजा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, एआरटीओ निखिल शर्मा, नेहा झा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

हरेला हमारी संस्कृति और प्रकृति से जुड़ने का पर्व : प्रदीप बत्रा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि हरेला पर्व केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत में हरेला का विशेष महत्व है और यह पर्व लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नगर क्षेत्र में स्वच्छता, हरियाली और जनहित से जुड़े कई सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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हराभरा और स्वच्छ नगर बनाना प्राथमिकता : राजीव शर्मा

नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि नगर क्षेत्र को हराभरा, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर आयोजित वृक्षारोपण अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सतत जनअभियान है, जिसे प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सफल बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक जरूरी उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों से पौधारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील की।

जनभागीदारी से ही सफल होंगे पर्यावरण संरक्षण के प्रयास

भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि जनसहभागिता से संभव है।उन्होंने नगर पालिका द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता एवं हरित अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज को प्रेरित करते हैं। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

वृक्ष ही जीवन का आधार हैं : दीपक धमीजा

भाजपा जिला सह-प्रभारी दीपक धमीजा ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। बिना पेड़ों के स्वच्छ वायु, पर्याप्त वर्षा और संतुलित पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

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उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

पौधारोपण के साथ संरक्षण भी आवश्यक : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति संरक्षण और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि लगाए गए पौधों को संरक्षित किया जाए तो वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानने का आग्रह किया।

हरेला केवल पर्व नहीं, पर्यावरण बचाने का संकल्प

मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, एआरटीओ निखिल शर्मा एवं नेहा झा ने संयुक्त रूप से कहा कि हरेला पर्व केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का सामूहिक संकल्प है।उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक-एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का दायित्व निभाए तो हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त उत्तराखंड का सपना अवश्य साकार होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

पौधारोपण के साथ सांस्कृतिक परंपरा का भी हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में लगाए गए पौधों में फलदार एवं छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, जिससे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके।

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बड़ी संख्या में उमड़े नागरिक

हरेला पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, नगर पालिका कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और यह संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश

हरेला पर्व पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश बनकर सामने आया। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता के साथ स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त उत्तराखंड का सपना तभी साकार होगा जब पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण को भी जनआंदोलन बनाया जाएगा। यही हरेला पर्व की वास्तविक भावना और उद्देश्य है।

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