न्यूज़ फ्लैश
“रविवार को ‘एग्जाम डे’ पर प्रशासन की कड़ी तैयारी! एडीएम के.के. मिश्रा ने दिए सख्त निर्देश— हर परीक्षा केंद्र पर रहे चाक-चौबंद व्यवस्था” “टीईटी पर शिक्षकों का बड़ा बवाल! हजारों शिक्षकों का प्रदर्शन, पीएम के नाम भेजा बड़ा ज्ञापन” “कुंभ में गूंजेगी माटी की खुशबू! प्लास्टिक की जगह कुल्हड़ों को बढ़ावा, कारीगरों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा” “धामी का अल्टीमेटम: “ग्राउंड जीरो पर उतरें अफसर, आपदा में लापरवाही की अब बिल्कुल नहीं होगी माफी!” “देहरादून में बारिश का रेड अलर्ट! 18 जुलाई को सभी स्कूल बंद, जिलाधिकारी का बड़ा आदेश” “निर्माण में ढिलाई अब नहीं चलेगी! अधूरे स्कूल भवनों पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का बड़ा एक्शन, बोले— समय पर काम पूरा करो, नहीं तो ठेकेदारों से छिनेंगे निर्माण कार्य”
Home » अभियान » “कुंभ में गूंजेगी माटी की खुशबू! प्लास्टिक की जगह कुल्हड़ों को बढ़ावा, कारीगरों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा”

“कुंभ में गूंजेगी माटी की खुशबू! प्लास्टिक की जगह कुल्हड़ों को बढ़ावा, कारीगरों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा”

(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने आज माटी कला बोर्ड, उत्तराखण्ड के प्रशिक्षण केंद्र, रुड़की में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर माटी कला से जुड़े प्रजापति समाज के कारीगरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं माटी कला से जुड़े लोगों ने मंत्री श्री चौधरी का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर माटी कला से जुड़े कारीगरों ने कैबिनेट मंत्री को मिट्टी की उपलब्धता एवं उस पर लगे प्रतिबंध सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कारीगरों ने मिट्टी की उपलब्धता को सुगम बनाने और माटी कला व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक माटी कला के संरक्षण और इससे जुड़े कारीगरों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कारीगरों की मिट्टी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उचित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ में प्लास्टिक के गिलास के विकल्प के रूप में पर्यावरण अनुकूल कुल्हड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे जहां प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में मदद मिलेगी, वहीं माटी कला से जुड़े कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान भी माटी कला से निर्मित स्थानीय उत्पादों के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि प्रदेश के कारीगरों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहा कि माटी कला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मिट्टी गूंथने की मशीन उपलब्ध कराने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इससे कारीगरों की मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी आजीविका को आगे बढ़ा सकेंगे।

श्री चौधरी ने कहा कि माटी कला उत्तराखण्ड की पारंपरिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का प्रयास है कि इस कला को संरक्षित करने के साथ-साथ इससे जुड़े कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।

इस अवसर पर राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक माटी कला को पुनर्जीवित करने और माटी कला से जुड़े कारीगरों को सम्मान एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। माटी कला हमारी संस्कृति की पहचान है और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर परशोभाराम प्रजापति (राज्यमंत्री), मेयर रूड़की अनीता ललित अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, राज्यमंत्री आदेश सैनी, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री देवी सिंह राणा, प्रतिभा चौहान सहित भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं माटी कला से जुड़े कारीगर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 1 0 4 5
Users Today : 95
Users Yesterday : 903
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 1 1 0 4 5
Users Today : 95
Users Yesterday : 903