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“लक्सर में मावा माफियाओं पर प्रशासन का महाएक्शन! गुप्त सूचना के बाद पड़ा ताबड़तोड़ छापा, बिना लाइसेंस चल रही दो अवैध फैक्ट्रियों पर लटका ताला, अब कोर्ट में होगी सख्त कार्रवाई”

SHAJAD ALI HARIDWAR/हरिद्वार जनपद में मिलावटी एवं बिना वैध लाइसेंस संचालित खाद्य कारोबारों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को लक्सर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग, तहसील प्रशासन और लक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर खरंजा कुतुबपुर गांव में संचालित अवैध मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दो प्रतिष्ठानों में बिना वैध फूड लाइसेंस के मावा निर्माण और दूध विक्रय का कार्य संचालित होता पाया गया। इसके बाद दोनों इकाइयों को बंद करने की नोटिस जारी करते हुए सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

संयुक्त टीम ने की छापेमारी

यह अभियान अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आर. एस. रावत के नेतृत्व में चलाया गया। संयुक्त टीम में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, तहसीलदार लक्सर, दीवान राणा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन तथा थाना लक्सर की पुलिस टीम शामिल रही। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मावा निर्माण इकाइयों का गहन निरीक्षण किया और दस्तावेजों की जांच की।

बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार

जांच के दौरान सामने आया कि कुरबान पुत्र छब्बर तथा इलियास पुत्र असरफ द्वारा बिना वैध फूड लाइसेंस के मावा निर्माण और दूध विक्रय का कार्य किया जा रहा था। अधिकारियों ने जब आवश्यक अभिलेख और लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा तो संचालक उन्हें उपलब्ध नहीं करा सके।खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करना गंभीर उल्लंघन माना जाता है, जिस पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों इकाइयों को अग्रिम आदेश तक बंद करने के नोटिस जारी कर दिए।

जांच के लिए लिए गए दूध के नमूने

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों मावा निर्माण इकाइयों से प्रयोगशाला परीक्षण के लिए मावा निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे दूध के तीन नमूने भी एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि दूध या मावा की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस खाद्य निर्माण इकाई संचालित करना तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करना कानून का उल्लंघन है। इसी आधार पर दोनों इकाइयों के संचालकों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी खाद्य कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।

मिलावट और अवैध कारोबार पर प्रशासन सख्त

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिलेभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों और बढ़ती मांग के दौरान अवैध खाद्य निर्माण इकाइयों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों, मिलावटखोरी तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि वे सभी आवश्यक लाइसेंस एवं दस्तावेज पूर्ण रखें और निर्धारित मानकों का पालन करते हुए ही खाद्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय करें।

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