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“उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 1 जुलाई से दोहरी पाली में होगी पढ़ाई, अब आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक और संवैधानिक मूल्यों का भी मिलेगा ज्ञान”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 1 जुलाई से नई शिक्षण प्रणाली लागू कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत अब मदरसों में दोहरी पाली में पढ़ाई कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षा भी मिल सके।नई व्यवस्था के अनुसार सुबह की पाली में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे।

वहीं शाम की पाली में धार्मिक शिक्षा के साथ संविधान, मानवाधिकार, राष्ट्रीय एकता और नैतिक मूल्यों का अध्ययन कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा के अनुरूप तैयार करना है।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले मदरसों के विद्यार्थियों को उत्तराखंड राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्य प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों में भी लाभ मिलने की उम्मीद है।यह नई व्यवस्था प्रदेश के 452 मदरसों में लागू की जा रही है। हालांकि इस फैसले को लेकर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है

कि यह कदम शिक्षा सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से मदरसों के छात्र आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं संवैधानिक मूल्यों से भी बेहतर तरीके से परिचित हो सकेंगे।

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