(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 12 जून 2026। चारधाम यात्रा और बढ़ते यातायात दबाव के बीच हरिद्वार में परिवहन विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर रेलवे स्टेशन, वाल्मीकि चौक, कर्नाटक भवन तथा आसपास के व्यस्त क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया।
इस दौरान परिवहन विभाग की टीम ने ऑटो-रिक्शा, विक्रम और ई-रिक्शा वाहनों की सघन जांच की, जिसमें कई वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।
अभियान के दौरान कुल 30 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 7 ऑटो एवं विक्रम वाहनों और 10 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
जनपद में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने परिवहन विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा और एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच शुरू की।
अभियान में परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी सहित विभागीय प्रवर्तन दल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। टीम ने सड़क पर संचालित सार्वजनिक परिवहन वाहनों के दस्तावेजों, फिटनेस और परमिट की गहन जांच की।
रेलवे स्टेशन और वाल्मीकि चौक बने कार्रवाई के केंद्र
हरिद्वार रेलवे स्टेशन और वाल्मीकि चौक जैसे क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। चारधाम यात्रा के दौरान यहां वाहनों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में परिवहन विभाग ने इन्हीं संवेदनशील क्षेत्रों को अभियान का केंद्र बनाया।
जांच के दौरान कई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होते पाए गए। कुछ वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं था, जबकि कई चालक परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते मिले। कुछ वाहनों का बीमा भी समाप्त हो चुका था।
30 वाहनों के चालान, 7 ऑटो और विक्रम सीज
अभियान के दौरान विभिन्न अनियमितताओं के चलते कुल 30 वाहनों के चालान किए गए। इनमें ऑटो-रिक्शा, विक्रम और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहन शामिल रहे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन वाहनों में गंभीर प्रकार की खामियां पाई गईं या जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 7 ऑटो एवं विक्रम वाहनों को सीज कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार बिना फिटनेस और आवश्यक अनुमति के वाहन संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जा रही है।
ई-रिक्शा चालकों पर भी हुई सख्त कार्रवाई
अभियान के दौरान ई-रिक्शाओं की भी विशेष जांच की गई। जांच में पाया गया कि कई ई-रिक्शा निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। कुछ के दस्तावेज अधूरे थे तो कुछ बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किए जा रहे थे।
नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग ने 10 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया। विभाग का कहना है कि ई-रिक्शा सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं, लेकिन इनके संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने कहा कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए परिवहन विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के किसी भी वाहन को सड़क पर संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत
एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने कहा कि सड़क सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवहन नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने वाहन संचालकों को चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो वाहन सीज करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाहन चालकों को किया गया जागरूक
सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अभियान के दौरान वाहन चालकों और स्वामियों को जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वाहन के सभी दस्तावेज अद्यतन रखना उनकी जिम्मेदारी है।
चालकों को फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों को समय-समय पर नवीनीकृत कराने की सलाह दी गई। साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और यात्रियों के साथ जिम्मेदार व्यवहार करने की भी अपील की गई।
चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ाई गई निगरानी
चारधाम यात्रा के कारण हरिद्वार में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जनपद में पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिवहन विभाग ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यात्रा अवधि में विशेष प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। जनपद में सुरक्षित, सुगम और नियमसम्मत परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक प्रवर्तन अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।
विभाग ने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज पूर्ण रखें और मोटर वाहन अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, हरिद्वार में परिवहन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का पालन करने वालों को सुविधा मिलेगी, जबकि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।


























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