(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 7 जून 2026।उत्तराखंड में सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) तथा नेस्ले इंडिया के संयुक्त सहयोग से संचालित ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना का राज्य में विस्तार किया गया है।
इस पहल के तहत प्रदेश के आठ जिलों में 1500 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवसायिक कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ हरिद्वार में आयोजित एक समारोह के दौरान किया गया, जिसमें एफडीए, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और नेस्ले इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्ट्रीट फूड कारोबारियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
परियोजना के तहत देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल सहित विभिन्न जिलों के 1500 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
इस पहल के बाद उत्तराखंड में प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की कुल संख्या 5900 से अधिक हो जाएगी। इससे राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
कार्यक्रम में एफडीए के उपायुक्त श्री गणेश कंडवाल, अपर आयुक्त श्री ताज बार सिंह, हरिद्वार के सहायक आयुक्त श्री एम.एन. जोशी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह तथा नेस्ले इंडिया की पंतनगर फैक्ट्री के फैक्ट्री मैनेजर श्री अमित दुग्गल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और पर्यटन गतिविधियों के चलते उत्तराखंड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
पूरे देश में सफल रही है ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना
नेस्ले इंडिया द्वारा वर्ष 2016 में शुरू की गई ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना देशभर में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक सफल मॉडल के रूप में उभरी है। अब तक इस परियोजना के माध्यम से 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1 लाख 20 हजार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मानकों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रीट फूड भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि विक्रेताओं को उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध करा सकते हैं, बल्कि अपने व्यवसाय को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
नेस्ले इंडिया ने बताई परियोजना की अहमियत
नेस्ले इंडिया के सस्टेनेबिलिटी एवं सामाजिक पहलों के प्रमुख कुंवर हिम्मत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी केवल अपने उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के माध्यम से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
उन्होंने कहा कि इस पहल का विस्तार केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है,
बल्कि इसका उद्देश्य स्ट्रीट फूड व्यवसाय में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इससे विक्रेताओं की आय बढ़ाने और उनके व्यवसाय को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
पर्यटन और धार्मिक आयोजनों को मिलेगा लाभ
उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। हर साल चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान करोड़ों श्रद्धालु राज्य में पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोग स्ट्रीट फूड का सेवन भी करते हैं।
ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेता न केवल बेहतर सेवाएं देंगे बल्कि खाद्य जनित बीमारियों की संभावनाओं को भी कम करेंगे।
सुरक्षित भोजन की दिशा में बड़ा कदम
एफडीए अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक व्यापक अभियान है। इसके माध्यम से खाद्य विक्रेताओं में जागरूकता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य सरकार और संबंधित विभागों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पहल उत्तराखंड को सुरक्षित स्ट्रीट फूड के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कुल मिलाकर ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना का विस्तार उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है। इससे न केवल हजारों स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लाभ मिलेगा बल्कि लाखों उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध हो सकेगा।


























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