(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर उन्हें वैध दिखाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए
एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य अपराधियों और संगठित गैंग्स पर सख्त निगरानी रखते हुए उन्हें कानून के दायरे में लाना है।
STF के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त अमित यादव, पुत्र डालचंद यादव, निवासी शिमला बाईपास, देहरादून के कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर, फर्जी एनओसी के आधार पर उन्हें उत्तराखण्ड में रजिस्टर करवा देता था और बाद में इन्हें असली लाइसेंस के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि अपराधी तत्व बाहरी राज्यों से अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाइसेंस तैयार करवा रहे हैं
और उन्हें उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध लाइसेंस नंबर LN34041A7A1AA7/1499 का सत्यापन किया गया, जो कथित रूप से अमृतसर, पंजाब से जारी बताया गया था।
लेकिन संबंधित कार्यालय से पुष्टि में यह लाइसेंस फर्जी पाया गया। इसके बाद STF टीम ने सुरागरसी करते हुए आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस तरह के फर्जी शस्त्र लाइसेंस बड़े पैमाने पर तैयार कर उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में दर्ज कराए गए हैं। STF अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
STF ने साफ किया है कि बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए सभी संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जाएगी और अपराध में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


























