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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने से न्यायिक अधिकारों में समानता: सीएम धामी

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित “समान नागरिक संहिता” (UCC) पर कार्यशाला में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि UCC लागू होने से प्रदेश के सभी नागरिकों के न्यायिक अधिकारों में समानता स्थापित हुई है।

उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान अधिकार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC न किसी धर्म के खिलाफ है और न ही किसी समुदाय को लक्षित करता है।

यह समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को हटाकर समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक प्रयास है। उन्होंने युवाओं से UCC के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने UCC लागू किया। इसके प्रचार हेतु प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा,

जिससे लगभग 5 लाख छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इनमें से 62 प्रतिशत छात्राएं हैं, जिनके लिए यह कानून विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अगर नीति साफ हो और जनसमर्थन प्राप्त हो, तो कोई भी बड़ा बदलाव संभव है।

उत्तराखंड ने UCC लागू कर राष्ट्र के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

 

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