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“राजबीर सिंह की अगुवाई में हरिद्वार की ट्रेड यूनियनें चार श्रम संहिताओं के खिलाफ भड़कीं, 26 नवंबर को होगा विशाल विरोध प्रदर्शन”

(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। हरिद्वार केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के केन्द्रीय आह्वान पर सोमवार को भेल सेक्टर-3 स्थित इंटक कार्यालय में सक्रिय ट्रेड यूनियनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एटक के प्रांत अध्यक्ष एम.एस. त्यागी ने की, जबकि संचालन संयोजक राजबीर सिंह ने किया।

बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम संहिताओं—

1. मजदूरी संहिता 2019

2. सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020

3. औद्योगिक संबंध संहिता 2020

4. उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020—के विरोध पर विस्तृत चर्चा हुई। यूनियनों ने कहा कि इन कानूनों को संसद से पारित कराने की प्रक्रिया से लेकर लागू किए जाने तक मजदूर संगठनों की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नए कोड उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, जिनसे श्रमिकों को पुराने कानूनों में मिले सुरक्षा कवच को समाप्त कर दिया गया है। न्यूनतम वेतन निर्धारण का आधार स्पष्ट न होने, कार्यघंटों का अधिकार पूरी तरह सरकार को सौंपे जाने, निश्चित अवधि रोजगार को कानूनी मान्यता दिए जाने और श्रम न्यायालयों की शक्तियाँ कम करने जैसे बिंदुओं पर गंभीर आपत्ति जताई गई। उन्होंने कहा कि यूनियन गठन को कठिन बनाने की कोशिश श्रमिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।बैठक में निर्णय हुआ कि केंद्रीय आह्वान के तहत 26 नवंबर 2025 को हरिद्वार की सक्रिय ट्रेड यूनियनें विरोध प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान फाउंड्री गेट, भेल से पुतला दहन तथा मोटरसाइकिल रैली निकालकर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।बैठक में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, निफ्टू, आईएमके सहित जिले, राज्य और भेल से जुड़े प्रमुख श्रमिक नेता—राजबीर सिंह, रामयश सिंह, ए.के. दास, एम.एस. त्यागी, महेंद्र जखमोला, पी.डी. बड़ोनी, मुकुल राज, रविंद्र कुमार, विकास सिंह, नईम खान सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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