(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 28 अगस्त 2025।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में “सहकारिता में सहकार” की भावना को सुदृढ़ बनाने हेतु विकास भवन ऑडिटोरियम हरिद्वार में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, सहकारिता सचिव डॉ. वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे एवं भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
बैठक में सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक सहकारिता की जड़ों को मजबूत करना और किसानों को उनके गांवों में ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसके लिए राज्य सरकार ने 22 विशेष कार्यक्रमों को प्रारंभ किया है, जिनके माध्यम से किसानों को ऋण, तकनीकी सहयोग, बीज, खाद, कृषि यंत्र एवं विपणन की सुविधाएं सहज रूप से मिल सकेंगी।
पैक्स कंप्यूटराइजेशन पर विशेष जोर
बैठक में सहकारिता मंत्री ने पैक्स कंप्यूटराइजेशन की प्रगति पर असंतोष प्रकट करते हुए सभी समितियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर प्रत्येक समिति का डेटा पोर्टल पर अपलोड होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो समितियां इस कार्य में लापरवाही बरतेंगी, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने जिलाधिकारी को भी आदेशित किया कि वे समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करें और संबंधित समितियों पर जिम्मेदारी तय करें।
नियुक्तियों में पारदर्शिता
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता विभाग में नियुक्तियों को लेकर सरकार पारदर्शिता अपनाने के लिए कटिबद्ध है। आईपीसीएस कंपनी के माध्यम से लिखित परीक्षा आयोजित कर भर्ती की जाएगी।
वहीं, चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियां आउटसोर्सिंग प्रणाली से कराई जाएंगी ताकि भाई-भतीजावाद और पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
सहकारिता मंत्री ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। उन्होंने घोषणा की कि जिले में 50 हजार महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर करेगी बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
किसानों को अधिक ऋण उपलब्ध कराने पर जोर
सहकारिता सचिव डॉ. वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बैठक में संबोधित करते हुए कहा कि समितियों का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराना होना चाहिए।
साथ ही, उन्होंने उपलब्ध कराए गए ऋण की समयबद्ध रिकवरी पर भी विशेष जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण देकर उन्हें खेती के आधुनिक साधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने सौंपी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में उपस्थित सहकारिता सचिवों और बैंक प्रबंधकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मिल-जुलकर कार्य करें और सुनिश्चित करें कि किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा। इस दिशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सहकारिता मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा और इसके लिए एक एक्शन प्लान तैयार कर नियमित समीक्षा की जाएगी।
विधायक ने दिया संदेश
रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए सभी को दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण भाव से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता की मूल भावना तभी साकार होगी जब गांव-गांव का किसान योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनेगा।
पर्यावरण संरक्षण की पहल
कार्यक्रम से पूर्व सहकारिता मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत विकास भवन परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।
इस पहल को उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सराहा और इसे सहकारिता की भावना से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम बताया।
व्यापक जनभागीदारी
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, प्रबंध निदेशक प्रदीप मल्होत्रा, नोडल अधिकारी आनंद एडी शुक्ल, सहायक निबंधक सहकारिता पुष्कर पोखरियाल, नोडल अधिकारी प्रेम कुमार, जनप्रतिनिधि, सहकारिता समितियों के सचिव, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
सहकारिता का भविष्य
बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों और लक्ष्य निर्धारण से यह स्पष्ट हो गया है कि सहकारिता विभाग अब नई ऊर्जा के साथ किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे बढ़ रहा है।
पैक्स कंप्यूटराइजेशन, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास भविष्य में सहकारिता आंदोलन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले हैं।













































