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“ऋषिकेश से गूंजा विश्व तक योग का महा-संदेश: अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का भव्य समापन, राज्यपाल गुरमीत सिंह का बड़ा आह्वान—‘योग अपनाओ, जीवन सजाओ’”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून / ऋषिकेश । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ऋषिकेश में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पर्यटन विभाग और गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव में एक सप्ताह तक देश- विदेश से आए 2500 से अधिक योग साधकों ने प्रतिभाग किया।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केवल समापन समारोह नहीं, बल्कि एक नए संकल्प का श्रीगणेश है, जिसके माध्यम से योग का संदेश सम्पूर्ण मानवता तक पहुँचाया जाना है। उन्होंने कहा कि हिमालय की पावन गोद एवं माँ गंगा के तट पर स्थित ऋषिकेश विश्व में आध्यात्मिक चेतना और साधना का प्रमुख केंद्र है। यहाँ की पवित्र भूमि से योग का संदेश सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित होता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड, विशेषकर ऋषिकेश और हरिद्वार आकर योग एवं आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ें।राज्यपाल ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा की एकता का माध्यम है। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक विधा है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आनंद, शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करना है, तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक संकट ने हमें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। योग और आयुर्वेद के माध्यम से हम अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की विशेष जिम्मेदारी है कि वह योग और आयुर्वेद के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करे। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे “अमृत पीढ़ी” के रूप में योग को अपनाएँ और इसे जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग आज वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है, यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रतीक है। आज विश्व योग को अपनी सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अपना रहा है।राज्यपाल ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और उत्कृष्ट प्रबंधन का प्रतीक रहा है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी आयोजकों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले योगाचार्यों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बच्चों ने योगा के करतब भी दिखाए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंदरजीत सिंह बिंद्रा, एवं स्वामी प्रेम बाबा, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एमडी जीएमवीएन प्रतीक जैन, एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण एवं स्वामी आत्मस्वरूप आनंद, स्वामी भारत भूषण योगिनी उष उपस्थित रहे।

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