(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है।
व्यवस्थाओं को धरातल पर परखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं समय–समय पर कांवड़ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी न केवल व्यवस्थाओं का जायज़ा ले रहे हैं बल्कि श्रद्धालुओं से सीधे संवाद भी स्थापित कर रहे हैं, जिससे उन्हें जमीनी हकीकत का सीधा आकलन मिल सके।
जिलाधिकारी ने कई प्रमुख स्थलों पर पहुँचकर अस्थाई स्वास्थ्य शिविरों का दौरा किया। स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने जाना कि सबसे अधिक शिकायतें बदन दर्द और त्वचा की इचिंग को लेकर आ रही हैं।
इस पर उन्होंने तुरंत ही निर्देश दिए कि सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया
कि वे नियमित रूप से पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की व्यवस्था और विशेष रूप से महिलाओं के लिए बने टॉयलेट्स की स्वच्छता और जल आपूर्ति की व्यवस्था पर गहन निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं, ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों से मिलकर उनका मनोबल भी बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि यह मेला सिर्फ श्रद्धालुओं का नहीं बल्कि हर सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी और सेवा भावना का परिचायक है।
कर्मियों से संवाद करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आपकी तत्परता ही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सफल बना सकती है।
श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुले दिल से सराहना की। कई कांवड़ियों ने जिलाधिकारी से बातचीत करते हुए बताया कि इस बार व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक सुगम और सुलभ हैं।
साफ-सफाई, चिकित्सा सेवाएं और सुरक्षा इंतजाम बेहतर नज़र आ रहे हैं।
जिलाधिकारी की जमीनी उपस्थिति और सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन हर छोटी–बड़ी आवश्यकता और आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
उनका यह दृष्टिकोण केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावी क्रियान्वयन और सुधार की दिशा में एक सशक्त कदम है।
कुल मिलाकर, कांवड़ मेला 2025 में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सक्रिय भूमिका श्रद्धालुओं और कर्मचारियों दोनों के लिए आश्वासन और प्रेरणा बनकर सामने आई है।




































