(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 27 अगस्त 2025। विकास भवन सभागार, हरिद्वार में आज पंचायत उन्नति सूचकांक (Panchayat Advancement Index-PAI 2.0) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार श्रीमती आकांक्षा कोण्डे ने की।कार्यशाला में सर्वप्रथम जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने पंचायत उन्नति सूचकांक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह सूचकांक पंचायतों में सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में हो रही प्रगति को मापने का प्रभावी उपकरण है।
इसके माध्यम से योजनाओं का साक्ष्य आधारित निर्माण और ग्राम पंचायतों की वास्तविक स्थिति का आकलन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पंचायतों को और अधिक जवाबदेह व पारदर्शी बनाएगी।
इसके उपरांत राज्य नोडल अधिकारी एवं उप निदेशक पंचायतीराज उत्तराखण्ड मनोज कुमार तिवारी ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए सूचकांक के संकेतकों और पोर्टल पर डाटा अपलोड की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे 05 सितम्बर 2025 तक आवश्यक प्रमाणिक विभागीय डाटा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
अध्यक्षीय उद्बोधन में सीडीओ हरिद्वार श्रीमती आकांक्षा कोण्डे ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक को पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार ने सतत् विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए 09 थीमों में वर्गीकृत किया है— गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका गाँव, स्वस्थ गाँव, बाल हितैषी गाँव, जल पर्याप्त गाँव, स्वच्छ एवं हरित गाँव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचा वाला गाँव, सामाजिक रूप से न्याय संगत एवं सुरक्षित गाँव, सुशासन युक्त गाँव तथा महिला हितैषी गाँव। इन संकेतकों के आधार पर पंचायतों की बहुआयामी प्रगति मापी जाएगी और इन्हीं के आधार पर राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी—जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुलेखा सहगल, मुख्य कृषि अधिकारी जी.एस. भण्डारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी एवं कार्मिकों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की




































