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हरीश रावत की हुंकार: “हमने बसाया था, भाजपा उजाड़ना चाहती है!” – गढ़मीरपुर के किसानों का हक बचाने के लिए सड़क पर उतरे हजारों किसान, रुड़की में फूटा गुस्सा, दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में आज गढ़मीरपुर समेत आसपास के पट्टाधारक भूमिहीन किसानों ने अपने मालिकाना हक की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की अगुवाई में रुड़की एसडीएम कार्यालय पर शुरू हुआ। किसानों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन सौंपा और साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन दिल्ली तक किया जाएगा।हरीश रावत ने धरने के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार ने किसानों को मालिकाना हक दिया था, मगर वर्तमान सत्ताधारी दल ने वह आदेश रद्द कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि यदि किसानों को हक नहीं मिला, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा और वे स्वयं 30 जनवरी को देहरादून में महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठेंगे।किसानों का कहना था कि सिडकुल विकास के नाम पर उनकी जमीन छीनी जा रही है, जबकि उन्हें उद्योगपतियों के विकास की नहीं, अपने अस्तित्व की चिंता है। किसानों ने जोर देकर कहा – “हमारी मेहनत की जमीन हमारा हक है, इसे छीना नहीं जाएगा। हम सड़क पर उतरने से भी नहीं डरते।”कांग्रेस नेताओं ने भी इस मौके पर भाजपा सरकार पर उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। अर्जुन कर्णवाल ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ है और हर गांव में प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच एकजुटता का प्रदर्शन पूरे धरने में साफ दिखाई दिया।धरना-प्रदर्शन के अंत में किसानों ने संकल्प लिया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन विधानसभा से लेकर दिल्ली तक जारी रहेगा। भीड़ में गुस्से और संघर्ष का माहौल स्पष्ट था, और किसानों का यह विरोध प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

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